मैदान के गाल पर गंदगी का धब्बा

दुर्दशा : राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान का हाल
बिजयनगर स्थित नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान दो हिस्सों में बंटा है। पश्चिम की तरफ बच्चे खेल-कूद करते हैं, लेकिन पूर्व की तरफ नालियों के पानी से कीचड़ सना है। इस छोर पर चारदीवारी टूटी होने से लोग यहां खुले में शौच करने से भी संकोच नहीं करते। शहर के सबसे बड़े इस मैदान के गाल पर लगे कीचड़ और गंदगी के धब्बे को साफ करने वाला कोई नहीं। उम्मीद है विधायक पलाड़ा के द्वारा आवंटित दस लाख रुपए से इस मैदान का कायाकल्प हो सकेगा। लेकिन कब तक?


बिजयनगर। शहर के नारायण उच्च विद्यालय का खेल मैदान अपने हालात पर आंसू बहा रहा है, और जिम्मेदार को इसकी कोई ‘फिक्र’ नहीं। खारीतट संदेश में समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका सिवाय औपचाकिता पूरी करने के कुछ विशेष नहीं कर रही। जेसीबी से झाड़-झंखाड़ हटा दिया गया लेकिन गंदगी मैदान के कोने में पड़ा छोड़ दिया। गंदा पानी रोकने के लिए कोई पहल तक नहीं की गई। हालात जस के तस हैं। स्कूल के जिम्मेदार अधिकारी मैदान के दुरुस्त हिस्से को देख ‘फूले नहीं समा रहे,’ लेकिन पूरे मैदान को लेकर अधिक फिक्रमंद नहीं दिख रहे। मैदान अपने हालात पर आंसू बहा रहा है।

सुरक्षित हो मैदान
मैंने बिजयनगर खेल मैदान और जालियां के खेल मैदान में तैयारी की है। विद्यालय के पीटीआई सर दशरथपुरीजी अच्छे से तैयारी करवाते हैं. इसी के बदौलत यहां से गत चार-पांच वर्षोँ से लगातार 5-6 विद्यार्थी राज्य स्तर बॉलीबाल प्रतियोगिता में चयनित हो रहे हैं। खेल मैदान बड़ा, समतल, साफ-सुथरा और चारों ओर से सुरक्षित होना चाहिए। यदि विद्यालय भवन के पीछे स्थित खेल मैदान को अच्छा बनवा दे तो यहां सभी खेलकूद गतिविधियां हो सकेंगी। इससे यहां की प्रतिभाओं में और निखार आएगा।


सुधांशु मेवाड़ा, खिलाड़ी व छात्र, रा.ना.उ.मा.वि., बिजयनगर

मैदान विशाल हो तो अच्छा मैं पिछले चार सालों से लगातार स्टेट खेल रहा हूं। दो वर्ष पूर्व नेशनल लेवल पर बॉलीबाल खेलने जा चुका हूं। मैंने स्कूल के अंदर वाले मैदान पर ही तैयारी की हैं। खिलाडिय़ों के लिए विशाल मैदान, समतल, साफ-सुथरा और सुरक्षित होना चाहिए। ऐसी स्थिति में अधिक से अधिक खिलाड़ी खेलों के प्रति आकर्षित होंगे और स्कूल के साथ-साथ बिजयनगर का नाम रोशन करेंगे।


कौशल जांगिड़, खिलाड़ी व छात्र, रानाउमावि, बिजयनगर

मैदान के चारों ओर चारदिवारी जरूरी
मैं पिछले चार वर्षों से लगातार राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में भागीदारी कर रहा हूं। एक खिलाड़ी के खेलने के लिए मैदान साफ-सुथरा, चारदीवारी ऊंची और मैदान विशाल होना चाहिए। इन सब सुविधाओं के चलते अधिक से अधिक छात्र खेलकूद में हिस्सा लेंगे। खेल के प्रति भागीदारी बढऩे से कई और खिलाड़ी बिजयनगर का नाम रौशन करेंगे।


चिराग अरोड़ा, खिलाड़ी व छात्र, रा.ना.उ.मा.वि., बिजयनगर

‘पालिका प्रशासन ने औपचारिकताएं पूरी की’
मैदान में गंदगी और अतिक्रमण है, बच्चे खेलते कहां है?
स्कूल के मैदान में पश्चिम की तरफ के हिस्से में साफ-सफाई की माकूल व्यवस्था है, जहां बच्चे खेलते हैं और विद्यालय स्तर के होने वाले सभी टूर्नामेंट उसी हिस्से में होते हैं। हालांकि मैदान का पूर्वी हिस्सा स्कूल सत्र के दौरान पूरे वर्ष ही गंदे पानी और बरसाती पानी से भरा रहता है।

सफाई और चारदीवारी के लिए क्या प्रयास या पहल रही?
पूर्वी हिस्से के खेल मैदान में नालियों के पानी से हमेशा कीचड़ रहता है। इस समस्या को हमने एसएमसी सदस्य और इसी वार्ड के पार्षद के समक्ष और पालिका प्रशासन को लिखित में पत्र भी दिया लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। गत दिनों खारीतट सन्देश समाचार पत्र में खबर प्रकाशित होने पर पालिका प्रशासन ने सिर्फ औपचारिकताएं पूरी की। मैदान की न तो सफाई हुई और न ही कचरा उठाया गया। चारदीवारी टूटी होने की वजह से लोग खुले में शौच करते हैं और उत्तरी हिस्से के घरों का गंदा पानी भी मैदान में ही छोड़ा जा रहा है। विद्यालय प्रशासन ने चारदीवारी और खेल मैदान के विकास के लिए तत्कालीन विधायक ब्रह्मदेव कुमावत को भी इस समस्या से अवगत कराया लेकिन कुछ नहीं हुआ। अब विधायक पलाड़ा ने विद्यालय विकास के लिए 10 लाख रुपए की घोषणा की है, आने वाले दिनों में कार्य शुरू होगा। गत वर्ष अगस्त माह में भिनाय वन विभाग के अधिकारी ने खेल मैदान के चारों ओर तारबंदी करके छायादार पौधे लगवाने की बात कही, लेकिन वे फिर दुबारा नहीं आए।

कब तक मैदान का स्वरूप बदल जाएगा?
यदि इस खेल मैदान के चारों तरफ की दीवार पक्की बन जाए और मैदान में मिट्टी डलवाकर भर्ती करवाकर सम्पूर्ण मैदान को समतल करवाकर साफ-सफाई करवा दी जाए तो मैदान पूर्व की भांति पुन: अपने स्वरूप में आ जाएगा। राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय को हर वर्ष जिला स्तरीय प्रतियोगिता आयोजिक करने का अवसर मिलता है। हर वर्ष कम से कम 5-6 विद्यार्थी राज्यस्तरीय बॉलीबाल खेलकूद प्रतियोगिता में चयनित होते हैं। विद्यालय में सभी खेल होते हैं।


(जैसा कि राजकीय ना.उ.मा. विद्यालय के वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक दशरथपुरी गोस्वामी ने खारीतट संदेश को बताया)

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