वार्डों की सफाई भी अ-साधारण

बिजयनगर। नगर पालिका की गत दिनों हुई साधारण बैठक में बहुत कुछ अ-साधारण सी दिखी। गोया यह कि सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी पालिकाध्यक्ष पर उपेक्षा का तमगा जड़ दिए। विकास में भेदभाव के आरोप लगाए। आरोपों की हकीकत जानने के लिए खारीतट संदेश ने सत्ता पक्ष के वार्डों की पड़ताल की। सफाई भी अ-साधारण दिखी।

गंदे पानी से घिरा शांतिदेवी का घर, आंगन में आ धमकते हैं सांप-गोयरे
40 वर्षों से मैं यहा रह रही हूं। चार वर्ष पूर्व मेरे पति गुजर गए। अब परिवार में मैं और मेरा पुत्र व पुत्र वधू के साथ मेरे पोते-पोती रहते हैं। मेरे घर के आंगन में गंदा पानी पिछले दो वर्षों से ज्यादा भरा हुआ है। राजनगर और तारों का खेड़ा का पूरा गंदा पानी मेरे घर के आसपास जमा हो गया। बारिश का सीजन शुरू होते ही बहू और पोते-पोती को उनके ननिहाल भेजना पड़ गया। क्योंकि बारिश के समय गंदा पानी कमरे की दहलीज तक आ गया। इस बारिश के सीजन में मेरे बेटे ने घर में घुसे 15-20 सांप और दो गोयरे मारे हैं। बारिश के पूरे सीजन में कमरे से बाहर आते ही घुटने तक पानी से गुजर के सड़क तक आना पड़ता था। इस समस्या को लेकर कई बार पालिका में शिकायत की। यहां तक कि दो बार चेयरमैन साहब भी देखकर कर गए। आंगन में हरा व बदबूदार पानी अब भी भरा हुआ है जिसमें बत्तखें तैरती रहती हैं। बताइए जाएं तो जाएं कहां? -शांति देवी प्रजापत, वार्ड 24

सफाईकर्मी कब आते हैं, कब जाते हैं, पता नहीं
मेरे वार्ड नम्बर 24 में सड़क व सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। वार्ड में सफाई कर्मचारी कब आते हैं और कब जाते हैें, पता ही नहीं चलता। जमादार को सफाई के लिए फोन करते हैं तो जवाब मिलता है, काम हो जाएगा। लेकिन कब पता नहीं। पार्षद बनते ही मैंने पालिका प्रशासन और अध्यक्षजी को कई बार लिखित में कार्य करवाने की मांग की लेकिन कुछ भी कार्य नहीं हुए। 1800 मतदाता वाले इस वार्ड में अब तक सिर्फ 17 लाख के विकास कार्य हुए। वार्ड में पट्टों को लेकर कई लोगों ने आवेदन किए। मेरे हाथ से सिर्फ एक ही आदमी को पट्टा दिलवाया गया बाकी आवेदनों का क्या हुआ कोई जवाब नहीं मिला। मेरे ही वार्ड में शांति बाई का मकान है जो कि गंदे पानी से चारों तरफ से घिरा है। मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन पालिका को काई चिंता ही नहीं। केकड़ी रोड डामर का रोड एक फिट नीचे और सीसी रोड एक फिट ऊपर है जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
पार्षद : संजू शर्मा

शहर के सात वार्डों के साथ सौतेला व्यवहार
बोर्ड गठन से लेकर अब तक वार्ड 19 में सिर्फ 30 लाख रुपए के विकास कार्य हुए हैं। मैंने पालिका प्रशासन को कॉलोनी की समस्याओं सहित रेगर बस्ती नाला और नटराज टॉकीज के पास के बंद नाले के निर्माण की मांग की जिस पर नटराज टॉकीज के पास के नाले का 24 मार्च को 2017 को ही टेंडर जारी हो गया, लेकिन आज दिन तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हुआ। वार्ड के इस्लामपुरा, मेवाती बस्ती, नई आबादी क्षेत्र में पेयजल की किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। मुख्यमंत्री द्वारा बजट घोषणा 2014-15 में राज्य के कच्ची नगरीय बस्तियों में प्राथमिक चिकित्सालय खोले जाने के लिए निकायों से प्रस्ताव मांगे गए लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने शहर के सातों वार्डों के साथ सौतेला व्यवहार करते हुए प्रस्ताव बनाकर नहीं भेजा गया। नदी किनारे बनाए गए मोक्षधाम उपेक्षा के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। इस समस्या की ओर मैंने पालिका प्रशासन के साथ चेयरमैन साहब को भी मोक्षधाम के जीर्णोद्धार की मांग की लेकिन कार्यवाही नहीं हुई।
पार्षद : भवानीशंकर राव

अपने स्तर पर करवाते हैं सफाई
जब से कॉलोनी कटी है तब से यही रह रहा हूं। (2009) इस कॉलोनी में पेयजल, सड़क, साफ-सफाई की किसी भी प्रकार की सुविधा नगर पालिका की ओर से नहीं है। कॉलोनी में स्ट्रीट लाईटें पार्षद बृजेश तिवाड़ी-संजू शर्मा के अथक प्रयासों से लगी बाकी किसी भी प्रकार की सुविधा कॉलोनी में नहीं है। शाम होते ही कॉलोनी में उगी हुई बबूल और झांडिय़ों में शराबियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। पालिका में अधिकारी को 10-15 बार लिखित में सड़क, पेयजल, सफाई व्यवस्था करवाने की शिकायत दी जा चुकी है लेकिन कार्यवाही नहीं हुई। सफाई करने के लिए आदमी की व्यवस्था कॉलोनी ने अपने स्तर पर कर रखी हैं। कॉलोनी में दिनभर आवारा जानवरों का जमावड़ा रहता हैं। कॉलोनी में बारिश के दिनों में जगह-जगह पानी भर जाता है।
-नेपालसिंह, राधाकिशन कॉलोनी, वार्ड 24

मैं पिछले 30 वर्षों से रेगर बस्ती में रह रही हूं। पक्का नाला निकाले जाने के बाद से नाले की समय पर सफाई नहीं होने से गंदगी से अटा रहता है। गंदगी के कारण मच्छरों की भरमार रहती है। नाले में आए दिन छोटे बच्चे गिरते हैं। इस पक्के नाले का गंदा पानी जाए कहां, इसका कोई प्रबंध नहीं है। सफाई कर्मचारी 15-20 दिन में एक बार आते हैं लेकिन काम चलाऊ सफाई करके चले जाते हैंं।
-प्रेमदेवी भील, वार्डवासी वार्ड 19

मेरे पार्षद रहते हुए मोक्षधाम के जीर्णोद्धार एवं वार्ड 19 के विकास कार्यों के लिए पालिका प्रशासन से मांग की जिसके तहत तत्कालीन समय में मोक्षधाम के विकास के लिए 7 लाख का इस्टीमेट भी निकला। आगे कार्यवाही भी हुई लेकिन न ही निविदा जारी की और ना ही टेण्डर, टॉकीज के नाले व रेगर बस्ती के नाले निर्माण के लिए मांग की जिसमें से सिर्फ टॉकिज के पास वाले नाले का इस्टीमेट बनाया जो कि 51 लाख का निकला जिसका प्रस्ताव डीएलबी जयपुर भिजवाया गया लेकिन वहा से उक्त कार्य को तीन टुकड़ों में करवाने का सुझाव दिया। उसके बाद पता नहीं पालिका में क्या हुआ, आज तक इस क्षेत्र के दोनों नालों सहित मोक्षधाम की किसी भी प्रकार से सुध नहीं ली गई। अभी वर्तमान में टॉकीज के सामने मेनरोड पर बड़ा गड्ढा हो गया जिससे आये दिन दुर्घटनाएं होती थीॉ। बड़ी मुश्किल से सीसी रोड बना लेकिन क्षेत्रवासियों की मांग के अनुसार नहीं बनाया गया। इस बाबत शिकायत करने पर चेयरमैन ने ठेकेदार को मौके पर आकर निर्देश भी दिए कि रोड पूरा बनाना है, लेकिन मनमानी आखिरकार ठेकेदार की ही चली। वार्ड 19 में समस्याओं का अम्बार लगा हुआ है लेकिन सुने कौन?
– बुधराज धानका, पूर्व पार्षद, वार्ड 19

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