मनुष्य कर्म से महान होता है: साध्वी राजमती

भिनाय। जैन साध्वी राजमती जी ने कहा कि व्यक्ति कर्म से महान होता है जन्म से नहीं ठीक उसी प्रकार व्यक्ति जन्म से जैन नहीं होता वो भी कर्म से जैन एंव जीवन से अहिंसा भाव होने से जैन कहलाने का अधिकारी होता है। वे गुरूवार को जैन प्राज्ञ बल्लभ भवन में अपने प्रवचन के दौरान कहे। इस दौरान जैन समाज सहित कई अन्य समाज के सैेकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। इस दौरान उन्होने कहा कि केवली दो प्रकार की होती है पहली सामान्य व दूसरी विशिष्ट मोह में फंस कर मावन पाप करता है ओर अपन लाभ के लिये सब भूल जाता है। मावन को यह कभी नही भूलना चाहिये की जीवन को सफल बनाने में धर्म ही सहायक होता है। धर्म इसी ओर अगले जीवन में व्यक्ति को सफल बनाता है। इस दौरान उन्होने पाप से डरने ओर धर्म के अनुसार आचरण करने की नसीहत देते हुए पाप का फल कड़वा होता ओर धर्म का फल मीठा होता है। इस दौरान स्थानीय संघ के अध्यक्ष भंवरलाल चौधरी, भागचन्द कावड़िया, संतोष सुराणा, विनोद ढ़ाबरिया, सुखराज कावड़िया, अजीत कावड़िया, हीरालाल कावड़िया, युवा मण्डल अध्यक्ष रिखब सुराणा, उत्तमचन्द मेहता, पुखराज ढ़ाबरिया, हरकचन्द लोढ़ा, निहाल चन्द लोढ़ा, पन्ना चत्तर, शांतिलाल गोलेछा, शिवराज लोढ़ा, अमरचन्द पीपाड़ा, सहित कई अन्य जैन समाज के नागरिक उपस्थित थे।

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