महिला आयोग ने करायी उत्पीडित लड़की की शादी

जयपुर। (वार्ता) राजस्थान महिला आयोग ने परिजनों के उत्पीड़न से पीडित एक युवती की उसके प्रेमी के साथ आज शादी कराकर एक अनूठा इतिहास दर्ज किया। जिसके तहत परिसर में ही मंडप बना कर शादी की रस्में पूरी की गयी। राजस्थान महिला आयोग के इतिहास में यह पहली अनूठी घटना है जब आयोग परिसर में प्रेमी युगल की शादी करायी गयी। आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने विधि विधान एवं हिन्दू रीति रिवाज से प्रेमी युगल की शादी की रस्में पूरी करायी। इसके लिये आयोग परिसर में शहनाई की गूंज के साथ मंडप भी सजाया गया। इस शादी में महिला आयोग के सदस्यों के साथ ही दोनों ही प्रेमियों के परिजन भी मौजूद थे।

इस शादी को पूरी करने के लिये आयोग की ओर से दो दिन तक युवा प्रेमियों को समझाईश दी गयी। इसके बाद दुल्हन बनी ज्योति आज अपने प्रेमी मनीष के साथ विवाह सूत्र में बंध गयी। आयोग के समक्ष ज्योति और मनीष के प्रेम की बात उस समय आयी जब ज्योति ने परिजनों के उत्पीडन से त्रस्त होकर वह महिला आयोग पहुंची और अपनी आप बीती बताते हुये प्रेमी मनीष के साथ रहने की इच्छा जाहिर की। ज्योति के अनुसार मनीष के साथ उसके प्रेम प्रसंग और शादी को लेकर उसके परिजन राजी नही थे और इसके विरोध में पहले उसे करंट लगाया गया और नही मानने पर उसके बाल भी काट दिये तथा उसके साथ मारपीट की।

इससे त्रस्त ज्योति महिला आयोग पहुंच गयी। महिला आयोग ने ज्योति की आपबीती सुनने के बाद उसके परिजनों को बुलाया और उन्हें समझाईश दी जिसके बाद उसके परिजन शादी करने से सहमत हो गये। इसके बाद आयोग ने लडके के परिजनों से भी बातचीत कर समझाईश दी। दोनों परिवार की ओर से सहमति मिलने पर आयोग अध्यक्ष ने आज युगल को आयोग परिसर में हिन्दू रीति रिवाज के साथ परिणय सूत्र में बांध दिया। राजस्थान में महिला आयोग का गठन 1999 में हुआ और उसके बाद यह पहला अवसर है जब परिसर में युवा प्रेमियों को विवाह बंधन में बांधा गया। महिला आयोग द्वारा इससे पूर्व कई परिवारों को युवा प्रेमियों के विवाह की समझाईश तो दी लेकिन परिसर में शादी का यह पहला अवसर है।

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