‘कला एवं संस्कृति विभाग फिल्म ‘पद्मावती’ से संबंधित आपत्तियों और मामलों को देखेगा’

जयपुर: राजस्थान का कला एवं संस्कृति विभाग विवादित फिल्म ‘पद्मावती’ से संबंधित आपत्तियों और मामलों के बारे में विशेषज्ञों के साथ चर्चा करेगा। राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि उनके विभाग ने आज फिल्म की आपत्तियों से जुड़े मामलों को कला एवं संस्कृति विभाग को भेजने का निर्णय लिया है।
कटारिया ने बताया, ‘‘कला एवं संस्कृति विभाग फिल्म के बारे में आपत्तियों को देखेगा। विभाग इतिहाकारों और विशेषज्ञों से मिलकर इस मुद्दे पर चर्चा करेगा। जरूरत पडी तो विरोध दर्ज कराने वाले लोगों से भी बात की जायेगी। यह विभाग विशेषज्ञों से चर्चा करके वापस गृह विभाग को कुछ दिनों में सूचित करेगा।’’ राजपूत समाज के नेतागण, करणी सेना, भाजपा विधायक और जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य दीया कुमारी ने फिल्म में रानी पद्मावती से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों से छेड़छाड़ किये जाने का आरोप लगाते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं आज बजरंग दल के सैकडों कार्यकर्ताओं ने जयपुर के कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया और राजस्थान में फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन के अधिकारी को सौंपा। बजरंग दल के प्रांत समन्वयक अशोक सिंह ने कहा, ‘‘फिल्म निर्माता ने कई ऐतिहासिक तथ्यों की साथ छेड़छाड़ की है। हमारी मांग है कि फिल्म पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे।’’
उन्होंने कहा कि फिल्म का प्रोमो देखकर स्पष्ट होता है कि इसमें रानी पद्मावती से जुड़े तथ्यों को आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया है। इसी तरह का विरोध प्रदर्शन प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों पर भी किया गया है। वहीं दूसरी ओर, भाजपा के विधायक घनश्याम तिवाडी ने फिल्म पर उपजे विवाद के लिये राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के पर्यटन विभाग के एक ट्वीट में रानी पद्मावती को अलाउद्दीन खिलजी की प्रेमिका बताया था।

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