निपाह वायरस: केरल में 11 की मौत, 19 भर्ती, लोगों से सावधानी बरतने की अपील

नई दिल्ली। दुर्लभ किस्म के निपाह वायरस का प्रकोप केरल में नियंत्रित हो गया है लेकिन खतरा बना हुआ है। सुअर और चमगादड़ से फैलने वाले इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति का कोई इलाज नहीं है। सरकार की ओर से हालांकि अभी भी निपाह को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है। इसी कड़ी में गुरुवार को केरल के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की ओर से एक और कदम उठाया गया।

विभाग ने केरल में आने वाले लोगों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी करते हुए चार जिलों में न जाने की सलाह दी है। ये वही जिले हैं, जहां से निपाह वायरस फैला था। इनमें कोझिकोड और उसके आसपास के जिले मल्लपुरम, वायनाड और कन्नूर शामिल हैं। गौरतलब है कि सुअर और चमगादड़ से फैलने वाले इस वायरस से पीड़ित व्यक्ति का कोई इलाज नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक पीड़ित लोगों की मौत का प्रतिशत 70 तक है।

केरल में अभी तक निपाह वायरस से 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। वहीं, 19 लोगों का फिलहाल इलाज चल रहा है, इन सभी में निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षण हैं। जबकि 22 लोगों का अलग से इलाज किया जा रहा है। केरल के स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताया कि निपाह वायरस से निपटने के लिए सरकार ने मलेशिया से एंटी वायरल दवाई मंगवाई है। इसके अलावा 2 हजार के करीब रिबावायरिन टेबलेट भी बांट चुकी है। वहीं, केरल पुलिस भी निपाह को लेकर फैल रही अफवाहों से निपटने के लिए फैसले ले चुकी है। डीजीपी लोकनाथ बेहरा ने कहा कि निपाह वायरस को लेकर सोशल मीडिया और व्हाट्एप पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

उधर, केरल के पड़ोसी राज्य कर्नाटक में दो बीमारों में वायरस पीड़ितों जैसे लक्षण दिखने के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। गोवा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है। तमिलनाडु के केरल से सटे जिलों में भी सावधानी बरती जा रही है। दुर्लभ किस्म के निपाह वायरस का प्रकोप केरल में नियंत्रित हो गया है लेकिन खतरा बना हुआ है। केरल से कर्नाटक के मंगलौर पहुंचे 75 वर्षीय बुजुर्ग और 20 वर्षीय युवती में बुखार के बाद वायरस का प्रभाव दिखने के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। दोनों के बेड अलग करके उनके इलाज में बेहद सावधानी बरती जा रही है। केरल से आने वाले अन्य लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।

केरल में फैले निपाह वायरस के संक्रमण के मद्देनजर दिल्ली में हालांकि किसी तरह का अलर्ट जारी नहीं किया गया है पर दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। वे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय के अधिकारियों के संपर्क में हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवाएं महानिदेशालय के अधिकारी कहते हैं कि केरल में संक्रमण फैलाने वाले चमगादड़ों की पहचान हो गई है। इसलिए घबराने की स्थिति नहीं है। उम्मीद है कि इस बीमारी का संक्रमण दूसरी जगहों पर नहीं फैल पाएगा। फिर भी अधिकारी लोगों को अभी केरल नहीं जाने की सलाह दे रहे हैं।

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