तम्बाकू की आदत से बचने में दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी

जयपुर। (वार्ता) राजस्थान के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि तंबाकू सेवन से बचने के लिए व्यक्ति में दृढ़ इच्छाशक्ति जाग्रत रखना बहुत आवश्यक है। श्री सराफ ने आज यहां तंबाकू पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में कहा कि राजस्थान में प्रतिदिन लगभग 136 लोगों की मौत का कारण तम्बाकू है एवं आमजन को तंबाकू के दुष्प्रभावों के परिणामों की जानकारी होनी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि “तम्बाकू छोड़ो, युवा बचाओ” अभियान के सफल क्रियान्वयन परिणामस्वरूप प्रदेश में वर्ष 2016-17 में तम्बाकू उपभोग में 17 प्रतिशत की कमी आयी है। गैट्स-2 रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016-17 में 24.7 प्रतिशत वयस्क ही तम्बाकू का उपभोग करते पाये गये। जबकि वर्ष 2009-10 में यह दर 32.3 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार तम्बाकू के कारण देश में 1 लाख करोड़ एवं राजस्थान में 1160 करोड़ रूपये का नुकसान होता है।

श्री सराफ ने कहा कि राजस्थान में कार्यालयों में धूम्रपान अथवा तम्बाकू युक्त पदार्थो का सेवन पर रोक लगायी है। धूम्रपान रहित क्षेत्रों में धूम्रपान करना दण्डनीय अपराध है। इन पर 200 रुपये तक चालान किया जा सकता है। तंबाकू उत्पादों के पैकेट् के 85 प्रतिशत भाग पर सचित्र स्वास्थ्य चेतावनी के प्रावधान है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने एक अभिनव प्रयास के तहत महिने के अंतिम दिन तम्बाकू निषेध दिवस मनाया जाता है एवं सभी जिलों में कोटपा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू बेचना दण्डनीय अपराध है।

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