आमजनों का सहयोग जरूरी

निश्चित ही शहर की यातायात व्यवस्था पहले से सुधरी है, सुधारने और सुधरने की गुंजाइश फिर भी शेष है। फिर, इसकी असली परीक्षा तो स्कूल खुलने के बाद ही होगी। नगर पालिका प्रशासन और पुलिस के इस संयुक्त प्रयास में आमजनों, वाहन चालकों और खासकर दुकानदारों का सहयोग अपेक्षित है।

बिजयनगर नगर पालिका प्रशासन और पुलिस ने शहर की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए अच्छी पहल की है। जाहिर है, बिजयनगर की सड़कें अब दिन में भी सांसें लेंगी। यह सेहत के लिए भी अच्छा है और आवागमन के लिए भी। आए दिन जाम लगने से लोगों को निजात मिलेगी। सफर सुकून भरा होगा, इससे अच्छा और क्या चाहिए! निश्चित ही शहर की यातायात व्यवस्था पहले से सुधरी है, सुधारने और सुधरने की गुंजाइश फिर भी शेष है। फिर, इसकी असली परीक्षा तो स्कूल खुलने के बाद ही होगी।

नगर पालिका प्रशासन और पुलिस के इस संयुक्त प्रयास में आमजनों, वाहन चालकों और खासकर दुकानदारों का सहयोग अपेक्षित है। बिना इनके सहयोग के इस प्रयास की सफलता पर संदेह लाजिमी है। पालिका प्रशासन ने जिस तरह सफेद लाइन डालकर ‘हद’ तय कर दी है, उससे उसके इरादे पर शक नहीं किया जाना चाहिए। यह जरूरी भी था। हालांकि पहले भी नगर पालिका प्रशासन ने इस तरह की पहल की थी, लेकिन पूर्व के तमाम प्रयास महज औपचारिता बन कर रह गई। प्रयास को न तो नैतिक बल मिला और न ही आमजनों का सहयोग मिला। खास बात यह कि इस बार पुलिस भी मुस्तैदी बरत रही है।

पुलिस के इरादे भी इस बार नेक लग रहे हैं। समझाइश के बाद सख्ती करने की भी जरूरत पड़े तो पुलिस को इसमें पीछे नहीं हटना चाहिए। पालिका ने मुनादी करा कर भी अपनी तरफ से आम जनता तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास सराहनीय है। इसके बावजूद यदि कोई सफेद लाईन की हद के पार जाता है तो उसके विरुद्ध नियम-कायदे के दायरे में कार्रवाई की जानी चाहिए। उम्मीद है कि इस बार नगर पालिका प्रशासन और पुलिस का यह भगीरथ प्रयास शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु रखने में कामयाब होगा।

जय एस. चौहान

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