योगासन करें, स्वस्थ रहें-सुखी रहें

योग भारतीय ऋषि-मुनियों की अनुपम भेंट है। निरोगी काया रखने के लिए हमारे ऋषि-मुनियों ने कठिन से कठिन साधना की और विभिन्न आसन का स्वरूप दिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर खारीतट संदेश ने अपने सुधि पाठकों के लिए योग विशेषज्ञ और नियमित योग करने वालों की राय ली। आप भी पढ़ें….
बिजयनगर। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरुवार को बिजयनगर, गुलाबपुरा सहित आसपास के कस्बों-शहरों में सामूहिक योग किया जाएगा। प्रशासनिक स्तर पर इस आयोजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। कुछ निजी संस्थाएं भी इसके लिए सक्रिय हैं। आम जन को योग से जोडऩे के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता इस आयोजन में बढ़े।

पहला सुख है निरोगी काया-भवदेव शास्त्री
भस्त्रिका प्राणायाम
इस प्राणायाम में सीधे बैठकर लम्बे गहरे श्वास लेना व छोडऩा पड़ता है। इस प्राणायाम को पांच मिनट तक करना चाहिए।
लाभ:- लम्बे गहरे पांच मिनट तक श्वास लेने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। नजला, जुकाम, खांसी जैसी बिमारियों से बचते हैं। रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा बढऩे से शरीर की करोड़ों कोशिकाएं स्वस्थ बनती हैं।

कपालभाति प्राणायाम
यह प्राणायाम पेट, प्रजनन तंत्र, उत्सर्जी तंत्र, पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाने के लिए है। कपालभाति प्राणायाम से गैस, कब्ज, एसिडीटी, अल्सर, कोलाडरिस, मोटापा, मधुमेह, शुक्राणु की कमी, अण्डाणु नहीं बनना, रक्त में हिमोग्लोबिन की कमी, अस्थमा, थायरायड जैसे अनेक रोगों से बचाव व उपचार सम्भव है।

अनुलोम विलोम प्राणायाम
अनुलोम विलोम प्राणायाम से श्वसन तंत्र, अन्तस्रावी ग्रंथियां, रक्त संचार तंत्र, नाड़ी तंत्र स्वस्थ बनते हैं। उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचापॉ, अर्थराइसिस, सिरदर्द, माईग्रेन, तनाव, अनिद्रा, बाल रोग, हृदय रोग आदि रोगों का इलाज अनुलोम विलोम प्राणायाम से संभव है। इस प्राणायाम को 10 से 15 मिनट तक किया जा सकता है।

उज्जई प्राणायाम
उज्जई प्राणायाम के द्वारा थायराइड़, गला बैठना, टॉन्सिल, नजला, जुकाम आदि नाक व गले के रोगों का उपचार व बचाव किया जाता है।

उद्गीथ प्राणायाम
सीधे बैठकर तीन बार ऊँ का लम्बा उच्चारण करना। इस प्राणायाम से मन प्रसन्न रहता है। तनाव दूर रहता है। आध्यात्मिक उत्पत्ति होती है। इसी तरह कर्मदर्द के लिए भुजंगासन, शवआसन, मकररासन, उत्तनपादासन, सेतुबन्ध आसन, उष्ट्रासन आदि किए जाते हैं। मोटापा कम करने के लिए उत्तानपादासन, हलासन, पादपूत्रासन, साईकिल चलाना (लेटेस्ट) मधुमेह के रोग में मण्डूकासन लाभदायक है।
संदेश: गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हम सभी अपने जीवन में योग को अपनाने का संकल्प लें। जिस प्रकार आज पूरी दुनियां योग करके स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर रही है, वैसे हम भारतवासी भी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करें।


भवदेव शास्त्री, टांटोटी, अजमेर (9001434484)

योग से शारीरिक तंत्र सुचारु रहता है
योग करने से विकार, मानसिक तनाव से मुक्त रहते हैं। शरीर को शक्ति प्राप्त होती है। श्वसन तंत्र और पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। शारीरिक मजबूती प्राप्त होती, आंखों की रोशनी तेज होती है। योग से हड्डियों में स्थिरता रहती हैं। पद्मासन से उदर सम्बंधित समस्याएं दूर होती है। अनुलोम-विलोम से मस्तिष्क का रक्त संचार सदृढ़ होता है, हिमोग्लोबीन सामान्य रहता है। योग करने से शरीर को अधिकतम मात्रा में ऑक्सीजन प्राप्त होती हैं। शरीर में व्याप्त विभिन्न प्रकार के विकारों और व्याधियों को दूर करने के लिए योग करना आवश्यक है। योग करने से जीवन में महत्वूपर्ण फायदा यह होता है कि अपने जीवनकाल में वृद्धि प्राप्त होती है और असाध्य बीमारियां जैसे कैंसर, हार्ट अटैक, डायबिटीज आादि से बचा जा सकता है। योग करने से शारीरिक तंत्र सुचारु रूप से संचालित होता है।


किशनलाल जाट, शा.शि., योग शिक्षक, सेवानिवृत्त सैनिक, महेश शिक्षा सदन उ.मा.वि, बिजयनगर

मानसिक तनाव दूर करता है योग
योग करने के बाद करीब-करीब शारीरिक व मानसिक तनाव समाप्त हो जाता है और रक्त संचार दुरुस्त रहता है। योगा करने के बाद जो ऊँ शब्द का जाप करते है उससे आध्यात्मिक रूप से अच्छा महसूस होता है। यदि नियमित रूप से योग किया जाए तो कई असाध्य रोगों को दूर किया जा सकता हैं। सुबह-सुबह योग के साथ दौड़ भी जरूरी है। इससे योग करने वाले व्यक्ति पर कभी वृद्ध होने का असर दिखाई नही देता है।


मुकेश सोनी, ब्यावर रोड बिजयनगर

घुटनों के दर्द में मिला आराम
योग करने के बाद शरीर बिल्कुल हल्का रहता है। दिनभर थकान भी नही रहती। योग करने से कई असाध्य बीमारियों से आराम मिलता है। मेरे घुटनों में दर्द रहता था लेकिन जब से योग और प्रात:काल भ्रमण करने लगी हूं तब से घुटनों के दर्द में बहुत आराम है। अनुलोम विलोम करने से सर्दी-जुकाम, खांसी में बहुत आराम मिलता हैं। नियमित योग करने से शरीर में रक्त संचार सुचारू रहता हैं। योग करने से हड्डियों में मजबूती रहती है।


संगीता बाल्दी, महिला प्रमुख भाविप, बिजयनगर

योग से बढ़ती है प्रतिरोधक क्षमता
नियमित रूप से योगा करने से बहुत सी बीमारियों जैसे नजर कम होना, अस्थमा, कैंसर, डायबिटीज, बीपी जैसी कई बीमारियों को दूर किया जा सकता है। बच्चों के योग करने से याददाश्त बढ़ती है। यदि शरीर हलचल नहीं करता है तो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है जिससे हमारा शरीर कई असाध्य रोगों से ग्रसित हो जाता है। योग करने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है जिससे हमारी बॉडी एनटीबाइटिक हो जाती है। योग करने वाला व्यक्ति साधारण व्यक्ति से अपने आपको ज्यादा सहज महसूस करता है। योग करने से शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त होती है। योग करेंगे तो हमारा जीवन सामान्य रहेगा। यदि कोई व्यक्ति ज्यादा मोटा है और वह नियमिति रूप से योग करेगा तो वह धीरे-धीरे पतला हो जाएगा। नियमित योग करने से हड्डियों में स्थिरता रहेगी जिससे हड्डी से सम्बंधित कोई भी रोग नहीं होगा।


सत्यनारायण जोशी, व्यवस्थापक एवं योग शिक्षक, फैथ एकेडमी माध्यमिक विद्यालय, संजयनगर-बिजयनगर

योग से बढ़ती है एकाग्रता
योग करने से हमारे शरीर को मानसिक व शारीरिक बल प्राप्त होता है। विशेषकर विद्यार्थियों के लिए योग बहुत ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों के योग करने पर उनकी एकाग्रता और याददाश्त तीव्र होती है। नित्य योग करने से शारीरिक व मानसिक अनुशासन बना रहता है, कई असाध्य रोगों से बचा जा सकता है। साथ ही आँखों की रोशनी, ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता, हड्डियों में मजबूती बनी रहती है। नित्य योग करने से शारीरिक व मानसिक लाभ मिलता है। योग करने से हमारे शरीर में एकाग्र शक्ति बढ़ती है। नियमित योग करने से सुस्ती, आलस्य, कमजोरी, अनिद्रा जैसी समस्या नहीं रहती है।


मुकेश पुरी, योग शिक्षक/ शा.शि., प्रणव विरंची माध्यमिक विद्यालय, बिजयनगर

योग से आलस्य नहीं रहता
योग करने से स्वस्थता बरकरार रहती है, जिससे शरीर में कभी आलस्य नही रहता है। शरीर में थकान भी महसूस नही होती है। दिन के समय नींद आने जैसी कोई शिकायत भी नहीं होती। नित्य योगा करने से तन-मन स्वस्थ एवं तंदरुस्त रहता है। ज्ञानेन्द्रिय, कर्मेन्द्रिय निरोग व स्वस्थ रहती है। नित्य योग करने वाले व्यक्ति को कभी सर्दी-जुकाम, खांसी, उल्टी, दस्त, डायबिटीज, बीपी, अस्थमा जैसी समस्या नहीं रहती।नित्य योग करने से व्यक्ति का जीवनकाल बढ़ता है।

जगदीश सेन, सेवानिवृत्त शिक्षक, बिजयनगर

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