गुजरात में और आगे बढ़ा मानसून, भारी वर्षा की चेतावनी के बीच प्रशासन अलर्ट

अहमदाबाद। (वार्ता) गुजरात में मानसून के आगे बढ़ने का सिलसिला आज भी जारी रहा और राज्य के कई स्थानों पर वर्षा हुई जबकि मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे के दौरान भी कई स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। सूरत, अहमदाबाद, अमरेली, भावनगर, वेरावल, सुरेन्द्रनगर, वडोदरा समेत कई स्थानों पर आज वर्षा हुई। मौसम विभाग ने सुबह तक कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है।

उधर, राज्य में उपस्थित एनडीआरएफ की लगभग 10 टीमों को भी एहतियाती तौर पर सतर्क कर दिया गया है। अहमदाबाद शहर के धरणीधर इलाके में ट्रैफिक के सीसीटीवी कैमरे लगा एक ऊंचा खंभा सुबह करीब आधे घंटे तक तेज हवा के साथ हुई वर्षा के दौरान गिर गया। कुछ स्थानों पर पेड़ भी गिर गये और निचले इलाकों में जलभराव से भी लोगों को परेशानी हुई। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के 33 में से 23 जिलों के 97 तालुका में वर्षा हुई जिसमें सर्वाधिक लगभग छह ईंच वलसाड के उमरगाम में दर्ज की गयी। दाहोद, तापी, सूरत और डांग में भी वर्षा हुई।

मौसम विभाग ने आज वलसाड, नवसारी, डांग, तापी, सूरत और निकटवर्ती केंद्र शासित प्रदेश दमन तथा दादरा एवं नगर हवेली में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा तथा सौराष्ट्र के भावनगर, अमरेली, गिर-सोमनाथ और केंद्र शासित प्रदेश दीव में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की चेतावनी दी है। कल और परसों सूरत वलसाड और नवसारी तथा कल भावनगर और अमरेली में कुछ स्थानो पर भारी वर्षा की चेतावनी दी गयी है।

मौसम विभाग की आज यहां जारी बुलेटिन में कहा गया है कि दक्षिण गुजरात से केरल तट तथा उत्तर कोंकण तक फैले दो वायुमंडलीय चक्रवाती प्रणालियों के प्रभाव से मानसून आगे बढ़ कर गुजरात और उत्तरी अरब सागर में नये इलाकों तक पहुंच गया है। अब यह वेरावल, अमरेली और अहमदाबाद के ऊपर से गुजर रहा है।

उधर, राज्य में मानसून के पहुंचने के साथ ही पारे में तेज गिरावट दर्ज की गयी है और सभी स्थानों पर यह चार से पांच डिग्री तक नीचे आया है। अाज राज्य में किसी भी स्थान पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक भी नहीं पहुंच पाया था। इस बीच, वर्षा जनित दुर्घटना में पिछले 24 घंटे के दौरान कम से कम दो लोगों की मौत हो गयी। मोरबी जिले के वांकानेर तालुका के पीपलिया गांव में विश्वनाथ जाडेजा (17) और पुष्पनाथ जाडेजा (18) की कल शाम वर्षा के दौरान बिजली गिरने से मौत हो गयी। वे वर्षा से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हुए थे।

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