बरसात में बिजली बे-हाल

बिजयनगर। इन दिनों आसमान में काले बादलों को देखकर किसान प्रफुल्लित होते हैं, उमस से बेहाल लोगों को राहत के छींटे पडऩे की उम्मीदें बढ़ जाती हैं, लेकिन पटरी पार के लोगों को बिजली कट होने की आशंका सताने लगती है। बारिश के छींटे पड़ते ही यहां के निवासी बिजली कटौती की सामना करने लगते हैं। इससे खासकर महिला व बुजुर्गों को काफी परेशानी होती है। पूछने पर बस यही कहा जाता है… लाइन में फाल्ट है…
बिजयनगर व आसपास के क्षेत्रों में बारिश होते ही पटरी पार बिजली कट की समस्या आम हो गई है। लोग शिकायत तो करते हैं, लेकिन समधान नहीं हो रहा। बिजली गुल होने से बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं व विद्यार्थी सभी परेशान हो जाते हैं। प्रस्तुत है खारीतट संदेश की रिपोर्ट….
नहीं कर पाते पढ़ार्ई
हमारी कॉलोनी संतोषनगर वार्ड 24 में स्थित है। हमारी कॉलोनी में लाईटें कटती रहती है। थोड़ी सी हवा तेज हो या थोड़ी सी बारिश तुरंत लाईट चली जाती है। इससे हमको भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रात में लाईटें चली जाने पर हम लोग पढ़ाई भी नहीं कर पाते। अगले दिन स्कूल में हमें टीचर से डांट खानी पड़ती है। मेरे घर में मेरे सहित चार भाई-बहिन स्कूल जाते हैं। रात में लाइट नहीं रहने का मलाल रहता है।

मोनिका, कक्षा- 9
घरेलू कार्य करने में होती है परेशानी
लाईटें चले जाने पर रात के समय घरेलू कार्य करने में काफी परेशानी होती है। खाना बनाते समय बिजली गुल होने पर परेशानी और बढ़ जाती है। सड़क पर रोडलाईट भी नहीं चलती। अब शिकायत करे तो किससे क्योंकि पार्षद मेडम तो हम लोगों के हाल जानने तो आज तक नही आई तो हम लोग फरियाद करे तो किससे करें।

लालीबाई , संतोषनगर, वार्ड 24 बिजयनगर
नहीं पढ़ पाते बच्चे
अधिकतर रात के समय लाईटें कटती है। लाईटें गुल हो जाने से मेरे घर पर बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। लाईट सहित क्षेत्र में और भी कई परेशानियां हैें जिनकी पार्षद को घर पर जाकर शिकायत कर चुके है, लेकिन पार्षद आज तक हम लोगों की सुध लेने तक नहीं आईं।

श्रीराम गुर्जर, क्षेत्रवासी वार्ड 24, बिजयनगर
शिकायत की लेकिन समाधान नहीं मिला
मेरे घर के बाहर शीशम का पेड़ है जिसकी टहनियां विद्युत तारों को छूती है जिससे करंट फैलने की आशंका रहती है। इसकी शिकायत मैंने स्टेट पोर्टल पर इंद्राज की लेकिन आज दिन तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई। वहीं जरा सी तेज हवा चलने और बारिश होने पर घंटों विद्युत आपूर्ति ठप कर दी जाती है। जब अधिकारियों से सम्पर्क किया जाता है तो जवाब मिलता है बिजली आपूर्ति शीघ्र बहाल करवाते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं।
अखत्यार अली, क्षेत्रवासी, बिजयनगर
टार्च की रोशनी में पढ़ाई
रात के समय जब कभी बारिश होती है तो तुरंत बिजली गुल हो जाती है। ऐसे समय में मुझे टार्च की राशनी में पढ़ाई करनी पड़ती है। बिजली जब कई घंटों नहीं आती तो मजबूरन आधे घंटे में ही पढ़ाई बंद कर सोना पड़ता है। ऐसे में मेरी पढ़ाई बाधित होती हैं।

मीनाक्षी, जांगिड़, कक्षा-7, वार्ड 19, बिजयनगर
आमजन परेशान
जरा सी बरसात होते ही विद्युत सप्लाई ठप हो जाती है। पूछने पर विभाग वाले लाईन ट्रिप होने का बहाना बनाकर टाल देते हैं। मैंने जेईएन और एईएन को कई बार पेड़ों की टहनियां कटवाने की बात कही लेकिन समस्या जस की तस है। लाईन ट्रिप होने का स्थाई समाधान निकालने की मांग की जिसपर भी कुछ कार्यवाही नहीं हुई। आमजन परेशान है।

लेखराज बैरवा, पार्षद
कोई फोन नहीं उठाता
अभी हाल ही पिछले दिनों बारिश होने पर जब ३ घंटे से भी ज्यादा समय तक विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई। मैंने स्थानीय विद्युत विभाग के कम्पलेन नम्बर पर फोन किया तो किसी ने फोन नहीं उठाया, जेईएन ने भी फोन नहीं उठाया। मैं इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को दूंगा।

भवानीशंकर राव, पार्षद
बारिश में समस्या अधिक
कुछ दिन पहले ज्यादा समय तक विद्युत आपूर्ति बंद रही तब मैंने अधिकारियों से बात की तो उन्होंने फाल्ट दुरुस्त करवाने की बात कही। बारिश के दिनों में फाल्ट आने की समस्या ज्यादा होती है। मैंने अधिकारियों से स्थाई समाधान की मांग की है।

बृजेश तिवाड़ी, पार्षद
पटरी पार के बारे में जानिए…
1. पाटरी पार वार्ड 19से 24 तक कुल 7 वार्ड हैं।
2. इन सात वार्डों की आबादी तकरीबन 15000 हजार है।
3. इन सात वार्डों में 3 सरकारी विद्यालय और आंगनबाड़ी, राजकीय औषधालय व जलदाय विभाग का पम्पिंग स्टेशन है।
4. इन वार्डों से सैकड़ों बच्चे स्कूल पढऩे जाते हैं।
5. पिछले दो-तीन माह में विद्युत आपूर्ति वाली समस्या ज्यादा बढ़ चुकी है।

किसी को नहीं आ रहा रहम…
पिछले चार वर्षों से मेरे घर की नींव की चारों ओर शहर का गंदा पानी भरा है। इस समस्या के समाधान के लिए मैंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन मेरी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं। मेरे घर और घर के चारों ओर भरे गंदे पानी को एसडीएम साहब, चेयरमैन साहब, ईओ साहब और पार्षद मैडम सिर्फ इस साल ही नहीं पिछले कई महीनों से देख के जा चुके हैं लेकिन मुझ गरीब की पीड़ा पर किसी को रहम नहीं आ रहा। मैं पूछती हूं कि यही हाल उनके घर का होता तो क्या वो भी इसी तरह चुप रहते? मैं कई बार पालिका कार्यालय के चक्कर लगा चुकी हूं लेकिन समाधान नहीं हुआ।
शांतिबाई प्रजापत, वार्ड २4, बिजयनगर

जब से हमारे मकान के इर्द-गिर्द शहर का गंदा पानी भरने लगा तबसे मैं और मेरी मां पार्षद, चेयरमैन, ईओ साहब के यहां चक्कर लगा रहे हैं। हमारी फरियाद पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मकान के चारों ओर पानी भरा होने की वजह से मकान की नींवें कमजोर हो चुकी हैं। कमरों के नीचे से 5-5 फिट तक का प्लास्तर पूरा गिर चुका है। प्रशासन की लापवाही की वजह से कहीं हमें जान न गंवाने पड़ जाए।
सुनिलकुमार प्रजापत, पीडि़त शांतिदेवी का पुत्र, बिजयनगर

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