श्री प्रमोदमुनि जी म.सा. का चातुर्मासिक मंगल प्रवेश, साध्वी विदेह प्रज्ञा की हुई बड़ी दीक्षा

बिजयनगर। आचार्य हीराचन्द जी म.सा. के आज्ञानुवर्ति तत्व चिन्तक श्री प्रमोद मुनि जी म.सा. आदि ठाणा 4 का चातुर्मास हेतु बुधवार प्रात: मंगल प्रवेश हुआ। सैकड़ों श्रावक-श्राविकाओं के साथ प्रमोद मुनि जी म.सा. दरबार कॉलोनी से विहार कर महावीर भवन पहुँचे। जहां श्री योगेश मुनि जी म.सा. व श्री प्रमोद मुनि जी म.सा. एवं जयमुनि जी म.सा. का प्रवचन कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्रवचन के बाद श्री जयमुनि जी म.सा के मुखारविन्द से एवं श्री प्रमोद मुनि जी म.सा. के सानिध्य में नव दीक्षित साध्वी विदेह प्रज्ञा की बड़ी दीक्षा में पचक्खान कराया गया।

मुनिश्री ने बताया कि आत्मा के हित के लिए आत्मार्थी बनना आवश्यक है। वेष बदलना ही काफी नहीं है, दीक्षा लेकर कर्मों पर विजय पाकर अजेय बना जा सकता है। कार्यक्रम में दीक्षा सम्पन्न होते ही चारों ओर हर्ष-हर्ष जय-जय का माहौल गूंजायमान हो उठा। इस अवसर पर ज्ञानसिंह सांखला, पीसी जैन, ज्ञानचन्द सिंघवी, दिलीप मेहता, अमित लोढ़ा, प्रतापचन्द सांड, अमित सांड, भागचन्द सांड, हुकमचन्द सांड, निहालचन्द सांड, संजय सांड, संजय श्रीश्रीमाल, प्रकाशचन्द बडौला, सुखराज चोरडिय़ा, योगेन्द्रराज सिंघवी, पालिकाध्यक्ष सचिन सांखला, इन्दरचन्द हरकावत, गौतमचन्द बिनायक्या सहित कई समाज बंधु मौजूद रहे।

इसी प्रकार साध्वी पूज्या श्री शीलमालाजी एवं श्री रत्नमालाजी म.सा. आदि ठाणा 2 का मंगल प्रवेश बुधवार को प्रात: हुआ। साध्वी श्री राजदरबार कॉलोनी से विहार जुलूस के साथ श्री सम्भवनाथ जैन मंदिर पहुँचे।

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