पेराफेरी क्षेत्र में भी होगी सफाई

बिजयनगर। शहर की सफाई व्यवस्था अब पहले से दुरुस्त होगी। नगर पालिका बिजयनगर के सभागार में बुधवार को सफाई समिति की बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने पर मंथन किया गया। पार्षदों ने शहर को सुंदर बनाने के लिए सुझाव दिए। सफाई कर्मियों की भर्ती के बाद पालिका की इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। नालियों से लेकर शहर के खाली पड़े भूखंडों को लेकर निर्णय लिए गए…
हाल ही में बिजयनगर नगर पालिका में हुई 60 सफाई कर्मचारियों की भर्ती के बाद उनकी ड्यूटी निर्धारण करने को लेकर बुधवार को पालिका के सभागार में सफाई समिति की बैठक हुई। समिति के अध्यक्ष पालिका उपाध्यक्ष सहदेवसिंह कुशवाह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सफाई की सुविधा से वंचित पेराफेरी क्षेत्र की कॉलोनियों में भी नियमित सफाई का निर्णय लिया गया।

बैठक में समिति के सदस्य नेता प्रतिपक्ष जगदीशसिंह राठौड़, दातारसिंह नरूका, दिनेश कोठारी, लक्ष्मण रमलावत, संजीव भटेवड़ा, मोनिका रावत व पालिका के कर्मचारी मौजूद थे। बैठक को सम्बोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष सहदेवसिंह कुशवाह ने कहा कि इन दिनों बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए गंदे पानी की निकासी, नाले-नालियों की साफ-सफाई आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही जहां-जहां जल भराव की समस्या है उसका भी निस्तारण जरूरी है। कर्मचारियों की ड्यूटी इस तरह लगाई जाए जिससे शहर के लोगों को सफाई संबंधी किसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े।

इस पर बैठक में मौजूद सभी पार्षदों ने कुशवाह की बात का समर्थन किया एवं आवश्यक सुझाव दिए। पार्षद लक्ष्मण रमलावत ने कहा कि जिन स्थानों पर पालिका के फाईबर टॉयलेट लगाए गए हैं वहां कई दिनों तक सफाई नहीं होती। ऐसे में वहां संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इन टॉयलेट की सफाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। रमलावत ने कहा कि शहर की विभिन्न कॉलोनियों में खाली भूखण्डों में बरसात का पानी और गंदगी होने से सड़ांध उठती है, जल-जनित बीमारियां फैलने की आशंका रहती है। उन्होंने खाली भूखंड धारकों को नोटिस देकर चारदीवारी बनवाने का सुझाव दिया। पार्षद दिनेश कोठारी ने कहा कि बारिश का मौसम होने के कारण शहर में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। उन्होंने पूरे शहर में फोगिंग करवाने तथा नालियों में डीडीटी का छिड़काव करवाने का सुझाव दिया।

नेता प्रतिपक्ष जगदीशसिंह राठौड़ ने बैठक में सुअरों की समस्या का हवाला देते हुए उन्हें पकडऩे की मांग की। पालिका उपाध्यक्ष सहदेवसिंह कुशवाह ने सफाईकर्मियों को हिदायत दी कि वे जहां भी सफाई के लिए जाएं वहां के लोगों की शिकायत मिलने पर सम्बंधित क्षेत्र के लोगों से सभ्यतापूर्वक बर्ताव करें। इससे न केवल सफाई कर्मियों को सम्मान मिलेगा बल्कि पालिका की प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी। कुशवाह ने यह भी प्रस्ताव रखा कि शहर के लोगों को साफ-सफाई की शिकायत होने पर वे अपनी शिकायत सुबह 6 बजे से 11 बजे व दोपहर 2 बजे से 5 बजे के बीच पालिका भवन व फाटक के पार पुराने चुंगी नाके पर रखे रजिस्टर में अपनी समस्या का इंद्राज कर सकते हैं।

खरीदे जाएंगे सफाई के उपकरण
सफाईकर्मियों की सुविधा के लिए पालिका की ओर से आवश्यक उपकरणों की खरीद की जाएगी। सफाई कार्यों का निष्पादन सुबह से दोपहर 2 बजे तक किया जाएगा। इसके बाद सफाई कर्मचारी दल गठित कर विभिन्न वार्डों में झाडिय़ों की कटाई व सामूहिक सफाई कार्य करेंगे। शहर के विभिन्न वार्डों व बाजारों में आवारा विचरण करने वाले मवेशियों को पकड़ा जाएगा और सम्बंधित पशु के मालिक से जुर्माना राशि वसूल किया जाएगा।

सफाई कर्मियों की हुई भर्ती
पेराफेरी क्षेत्र की कॉलोनियों के लोग सफाई व्यवस्था से अब तक वंचित थे। चूकि पालिका के पास सफाई कर्मियों का अभाव था, ऐसे में उन क्षेत्रों में सफाई नहीं हो पाती थी। सफाई कर्मियों की नई भर्ती होने से पेराफेरी क्षेत्र के लोगों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
सहदेवसिंह कुशवाह, अध्यक्ष-सफाई समिति

कहां है कांजी हाउस
बैठक में मौजूद पार्षद उस समय ठहाके लगाते नजर आए जब नेता प्रतिपक्ष जगदीशसिंह राठौड़ ने यह कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ा जाना जरूरी है। इस पर बैठक में मौजूद एक सफाईकर्मी ने राठौड़ से यह पूछ लिया कि कांजी हाउस तो पालिका के पास है नहीं। इस स्थिति में पकड़े गए पशुओं को कहां रखा जाएगा? यह सुनते ही सभी पार्षद जमकर ठहाके लगाए। बाद में यह निर्णय लिया गया कि पकड़े गए मवेशी के मालिक का पता लगाकर उनसे जुर्माना राशि वसूली जाए।

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