तकाजे ने ले ली अधेड़ की जान

बिजयनगर। बहादुरपुरा गांव के एक व्यक्ति को उधार के रुपए का तकाजा करना भारी पड़ गया। उसे जान देकर इसकी कीमत चुकानी पड़ी। आरोपी ने राजसमंद ले जाकर उधार देने वाले अधेड़ की हत्या कर दी। लाश को कुएं में फेंक कर बिजयनगर लौट आया। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया तो लोग हतप्रभ रह गए। आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन…। प्रस्तुत है खारीतट संदेश की पूरी रिपोर्ट…

कस्बे के एक युवक ने उधारी की रकम का तकाजा करने आए निकटवर्ती बहादुरपुरा गांव के एक अधेड़ व्यक्ति को धोखे से राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र में ले जाकर हत्या कर दी और लाश को कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पिछले दिनों शव को कब्जे में लेकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया एवं आरोपी को गिरपïतार कर उसकी निशानदेही पर मृतक की बाइक, जूते, कपड़े, मोबाईल, घड़ी आदि बरामद कर लिए हैं। रिमांड अवधि समाप्त होने पर बुधवार को देवगढ़ पुलिस ने आरोपी को पुन: न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को एक दिन के और पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश जारी किए।

देवगढ़ (राजसमंद) थाना प्र्रभारी राजेन्द्र गोदारा ने बताया कि बिजयनगर तहसील क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुरा निवासी भवन निर्माण कारीगर छगनलाल नायक (55) ने काफी समय पहले बिजयनगर निवासी महावीर माली को रुपए उधार दिए थे। उधार नहीं चुकाने पर ब्याज सहित रकम बढ़कर करीब दो लाख हो गई। छगनलाल नायक रकम के लिए महावीर माली से सम्पर्क करता तो वह तरह-तरह के बहाने बनाकर उसे झांसे देने लगा। यहां तक कि वह मुलाकात करने से भी कतराने लगा। आजिज होकर छगनलाल नायक 20 जुलाई के सुबह 6 बजे महावीर माली के जनता कॉलोनी (बिजयनगर) स्थित आवास पर पहुंचा। महावीर माली ने छगनलाल नायक को देवगढ़ में एक व्यक्ति से पैसे लेने के लिए साथ चलने के लिए राजी कर लिया।

महावीर माली ने वहां ले जाने के बाद नायक से सांझ होने की बात कहते हुए रात में यहीं ठहरने की सलाह दी। यह कहकर महावीर माली नायक को अपने साथ देवगढ़ थाना क्षेत्र के कलालों की आती में स्थित भैरूजी के मंदिर के पास सराय में पहुंचा। वहां पर नायक सो गया। नायक के नींद में आने का इंतजार कर रहे महावीर माली ने नायक के सिर पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए, जिससे मौके पर ही नायक की मौत हो गई। महावीर माली ने छगनलाल नायक की लाश को रस्सी से कुएं तक घसीट कर ले गया और कुएं में फेंक दिया। दूसरे दिन अपने खेत पर पहुंचे पोखरलाल साल्वी ने जब खेत पर स्थित कुएं में झांककर देखा तो एक अधेड़ का शव देख उसके होश फाख्ता हो गए। उसने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने पर थानाप्रभारी गोदारा मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और शव को कुएं से बाहर निकलवाया। शव की जांच करने पर मृतक के शरीर पर कई घाव नजर आए। पुलिस ने शव को देवगढ़ के राजकीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। देवगढ़ पुलिस ने मामले में भा.द.स. की धारा 302 व 201 के तहत मुकदमा दर्ज कर शव की शिनाख्ती के प्रयास शुरू कर दिए।

यूं हुआ खुलासा
मृतक छगनलाल नायक 20 जुलाई को बिजयनगर आया था लेकिन देर रात तक बहादुरपुरा स्थित आवास पर नहीं पहुंचा। इस पर परिजन चिंतित हो गए और बिजयनगर में अपने सगे-संबंधियों व परिचितों से मोबाइल पर सम्पर्क कर पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। दूसरे दिन मृतक छगनलाल नायक का पुत्र सुरेश नायक अपने पिता के दोस्त जीवणराम गुर्जर को साथ लेकर महावीर माली के घर पहुंचा, जहां उसे महावीर माली का पुत्र मिला। पूछताछ करने पर महावीर माली के पुत्र ने उनसे कहा कि उसके पिता ने छगनलाल नायक का हिसाब कर दिया और वे यहां से चले गए। इसके बाद वे कहां गए, हमें नहीं मालूम।

इसके बाद छगनलाल नायक के पुत्र को संदेह होने पर उसने बिजयनगर थाने में महावीर माली के खिलाफ उसके पिता को गायब कर देने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर बिजयनगर थाना प्रभारी भवानीसिंह ने महावीर माली को बुलाकर उससे पूछताछ की। जहां गुमराह करने के लिए महावीर माली ने बिजयनगर पुलिस को झूठी कहानी बताते हुए कहा कि छगनलाल नायक उसके पास आया जरूर था और उसने उसका हिसाब पूरा कर उधारी की रकम लौटा दी। इसके बाद वो कहां गया, मुझे नहीं मालूम। इसी बीच बिजयनगर पुलिस को देवगढ़ पुलिस की ओर से सोशल मीडिया पर डाली गई मृतक की फोटो भी प्राप्त हो गई।

इस पर पुलिस ने मृतक के परिजनों को वह फोटो दिखाकर देवगढ़ पुलिस से सम्पर्क करने को कहा। इसी बीच, महावीर माली उसके बेटे के साथ चुपके से थाने से बाहर निकलने लगा तो थाना प्रभारी भवानीसिंह की उस पर नजर पड़ गई। पुलिस ने उसे मौके पर धर दबोचा। बिजयनगर पुलिस की सूचना पर देवगढ़ पुलिस बिजयनगर पहुंची और महावीर माली को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पूछताछ में आरोपी ने नायक की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर देवगढ़ पुलिस ने हत्या की वारदात में प्रयुक्त लोहे की रॉड सहित मृतक की बाइक, घड़ी, मोबाईल, कपड़े व जूते बरामद कर लिए।


आदतन अपराधी है आरोपी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक हत्या के आरोप में गिरफ्तार महावीर माली निवासी जनता कॉलोनी बिजयनगर आदतन अपराधी है। नायक हत्याकांड से पूर्व वह भीलवाड़ा जिले में एक पट्टियों की खान पर लूट के इरादे से चौकीदार को घायल कर देने की वारदात में भी लिप्त है। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन हैं।

रिमांड अवधि समाप्त होने पर पुलिस ने बुधवार को आरोपी को न्यायालय में पेश कर एक दिन का और रिमांड मांगा।


राजेन्द्र गोदारा, थानाप्रभारी, देवगढ़
पुलिस टीम में ये थे शामिल
हत्याकांड का खुलासा करने के लिए राजसमंद पुलिस अधीक्षक ने देवगढ़ थाना प्रभारी राजेन्द्र कुमार गोदारा व दिवेर थाना प्रभारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में रामेश्वरलाल, मोहम्मद सलीम, शिवराज, मनोज कुमार, कमलेश कुमार, जगदीश, रघुवीरसिंह व विरेन्द्र सिंह आदि पुलिसकर्मियों की टीम गठित की थी।

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