मैं कहता आंखन देखी…

बिजयनगर। चुनौतियों का भी एक उसूल होता है। ‘रेड कारपेट’ पर चहलकदमी के बजाय हमने जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को बेबाकी से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया। इसी तरह शहर में आयोजित होने वाले तमाम धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों को सुधि पाठकों तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया। शिक्षा व धर्म-संस्कृति से जुड़े प्रबुद्ध लोगों की राय भी आम पाठकों के समक्ष रखा। जहां जरूरत हुई वहां खारीतट संदेश ने अपने नजरिये से भी पाठकों को अवगत कराया। खारीतट संदेश की यह यात्रा तीन वर्ष पूर्व शुरू हुई थी। खट्टे-मीठे अनुभवों के साथ इस यात्रा में सुधि पाठकों, विज्ञापनदाताओं और पाठकों के हाथों तक इस अखबार को पहुंचाने वाले हॉकरों का अपार स्नेह व सहयोग मिला। पाठकों व विज्ञापनदाताओं का यह अपार स्नेह हमारे पास बतौर अमानत सुरक्षित है।

हम ही बेहतर हैं, इसका गुमान कभी नहीं रहा। इसलिए, नगर के हर प्रबुद्ध वर्ग से हमने उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की, ताकि सुधार की गुंजाइश का अनवरत प्रयास जारी रह सके। लोगों ने खुल कर अपनी बात कही। आलोचना भी की और प्रशंसा भी, पर खारीतट संदेश की प्रतिबद्धता पर किसी ने संदेह नहीं जताया। यही प्रतिबद्धता ही हमारी पूंजी है। पाठकों का यही विश्वास हमें नैतिक साहस देता है और हौसला भी। सच को सच की तरह ही प्रस्तुत करने का आत्मबल भी मिलता रहा। आईने पर जमी धूल की परत को भी ‘आईना’ दिखाने से कतई संकोच नहीं किया। जन सरोकार से जुड़े तमाम स्थानीय मुद्दों को हमने करीब से परखा और पाठकों के समक्ष सच को सच की तरह ही प्रस्तुत किया। कई मुद्दों पर पाठकों के विचारों को भी समाचारों में साझा किया। चुनौतियों का भी एक उसूल होता है। ‘रेड कारपेट’ पर चहलकदमी के बजाय हमने जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को बेबाकी से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया।

इसी तरह शहर में आयोजित होने वाले तमाम धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों को सुधि पाठकों तक पहुंचाने का भरसक प्रयास किया। शिक्षा व धर्म-संस्कृति से जुड़े प्रबुद्ध लोगों की राय भी आम पाठकों के समक्ष रखा। जहां जरूरत हुई वहां खारीतट संदेश ने अपने नजरिये से भी पाठकों को अवगत कराया। इसका मूल्यांकन तो सुधि पाठक ही कर सकते हैं। पाठकों व आम नागरिकों के प्रति यही प्रतिबद्धता ही हमारी कसौटी थी और रहेगी। कबीर की भाषा में कहें तो ‘मैं कहता आंखन देखी’ की तरह पूरा सच बयां करने का साहस भी आप सुधि पाठकों से ही मिलता है। एक बार फिर खारीतट संदेश के तमाम सुधि पाठकों, विज्ञापनदाताओं व हाकरों के प्रति हार्दिक आभार व धन्यवाद।

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