आम जनता के कल्याण में सांसद की सफलता निहित: कोविंद

नई दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सांसदों को आज नसीहत दी कि वे करोड़ों देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं के उत्तरदायी हैं और उनकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने में ही उनकी सफलता है। श्री कोविंद ने संसद के केन्द्रीय कक्ष में वर्ष 2013 से 2017 के दौरान उत्कृष्ट सांसद चुने गये -श्रीमती नज़मा हेपतुल्ला, श्री हुकुमदेव नारायण यादव, श्री गुलाम नबी आज़ाद, श्री दिनेश त्रिवेदी और श्री भर्तृहरि मेहताब को पुरस्कृत करने के बाद उपस्थित सांसदों को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन मौजूद थीं। केन्द्रीय कक्ष में कई केन्द्रीय मंत्रियों सहित दोनों सदनों के सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की आत्मा संसद में बसती है। इसीलिए संसद को लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है। सांसद केवल किसी एक दल या संसदीय क्षेत्र के प्रतिनिधि नहीं होते हैं, वे हमारे संवैधानिक आदर्शों के संवाहक होते हैं।

उन्होंने कहा कि सांसद करोड़ों देशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं के प्रति उत्तरदायी हैं। देश की जनता, खासकर गरीब और वंचित लोग अपने प्रतिनिधियों से यह आस लगाये रहते हैं कि उनके सांसद उनके बच्चों के जीवन को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, “जनता यह अपेक्षा करती है कि संसद में उनकी कठिनाइयों के समाधान तथा देश के विकास के मसले पर चर्चा हो। उनकी आशाओं पर खरा उतरना ही हमारी संसदीय व्यवस्था की सफलता की कसौटी है। जनमानस की अपेक्षाओं के अनुरूप आचरण करने में ही संसदीय लोकतंत्र की मर्यादा है।’’

श्री काेविंद ने कहा कि उत्कृष्ट सांसद के पुरस्कार से सम्मानित सांसदों ने अपने ज्ञान एवं विवेक के द्वारा संसद की कार्यवाही को समृद्ध किया है और अन्य सांसदों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किये हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि देश के सभी राज्यों में विधानमंडल द्वारा सर्वोत्तम विधायक के लिए पुरस्कार स्थापित किये जायें। उन्होंने उम्मीद जतायी कि लोकसभा अध्यक्ष इस बारे में पहल करेंगी।

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