एशियन गेम्स की रंगारंग शुरुआत, नीरज ने थामा तिरंगा

जकार्ता। 18वें एशियन गेम्स का शनिवार को यहां रंगारंग शुभारंभ हुआ। भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा खिलाडि़यों की परेड में भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। इन खेलों के इतिहास में यह पहला मौका है जब दो शहरों (जकार्ता और पालेमबैंग) में इसका आयोजन किया जा रहा है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने आधिकारिक रूप से 18वें एशियन गेम्स की घोषणा की। अफगानिस्तान से खिलाडि़यों की परेड की शुरुआत हुई। भालाफेंक एथलीट नीरज चोपड़ा भारतीय दल के ध्वजवाहक थे। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने तालियों के साथ भारतीय एथलीट्स का स्वागत किया।

2 सितंबर तक होने वाले एशियाड में 40 खेलों की 67 विधाओं के मुकाबले होंगे। इन खेलों में 28 ओलिंपिक खेल, 4 नए ओलिंपिक खेल और 8 नॉन ओलिंपिक खेल होंगे। इन खेलों में 45 देशों के करीब 11000 से ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे। खेलों के आधिकारिक शुभारंभ के बाद खिलाडि़यों ने खेल भावना के साथ खेलने की शपथ ली।

एक साथ पहुंचे दोनों कोरिया के खिलाड़ी : उत्तर और दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी इन एशियन गेम्स में एक झंडे तले हिस्सा ले रहे हैं। जैसे ही परेड में इन दोनों देशों के खिलाड़ी एक साथ पहुंचे, स्टेडियम में जोरदार ढंग से इनका स्वागत किया गया। खिलाडि़यों की परेड के बाद शुभंकर स्टेज पर आए। इसके बाद इंडोनेशिया की सांस्कृतिक झलक पेश की गई। देश के कई जाने-माने सिंगर्स ने प्रस्तुति दी। ओलिंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के प्रमुख शेख अहमद अल फहद अल अहमद ने स्वागत उद्बोंधन दिया। इसके बाद इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने खेलों के आधिकारिक शुभारंभ की घोषणा की।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो बाइक से स्टेडियम में पहुंचे: गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल ने अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया था लेकिन कोचों और एथलीटों को पहले से ही यह मालूम है कि एशियाड में परिस्थितियां अलग होंगी जहां चीन, जापान और कोरिया जैसे बेहद मजबूत देशों के एथलीट मौजूद होंगे। इससे भारतीय एथलीटों के ना तो उत्साह और ना ही उम्मीद में कोई कमी आई है।

2014 से आगे निकलना है : पदकों के लिहाज से भारत ने 2014 के एशियन गेम्स में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की थी। चार साल पहले भारत ने कुल 57 पदक जीते थे जिसमें 11 स्वर्ण, शामिल थे। इस बार 572 एथलीटों के दम पर उस प्रदर्शन को पीछे छोड़ने पर नजर गड़ाए बैठा है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन के बाद भारतीय दल से पदकों की आशा दोगुनी हो गई है।

इनकी कमी खलेगी : टेनिस में ऐन समय तक जोड़ीदार तय नहीं होने से नाराज लिएंडर पेस के हटने से भारतीय चुनौती को झटका लगा है और कप्तान जीशान अली को फिर से रणनीति तैयार करनी पड़ेगी। महिला भारोत्तोलक मीराबाई चानू की कमी भी महसूस की जाएगी जो कि चोट की वजह से एशियन गेम्स में नहीं खेल पाएंगी। टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्रा और जिम्नास्ट दीपा कर्माकर चोट के बाद वापसी कर रही हैं।

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