हरिद्वार: हरकी पैड़ी पर अटलजी की अस्थियां गंगा में हुई विसर्जित

नई दिल्ली। अपार जन सैलाब, भारत माता की जय, अटल बिहारी अमर रहें और वंदे मातरम के उदघोष के साथ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर गंगा में विसर्जित कर दी गईं। मंत्रोच्चारण के बीच उनकी दत्तक पुुत्री नमिता ने अस्थियां गंगा में प्रवाहित कीं। इस दौरान अटल जी के परिजनों के अलावा गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के साथ ही उत्तराखंड सरकार के मंत्री, पार्टी के कई बड़े नेता, कार्यकर्ता और साधु-संत उपस्थित थे।

रविवार सुबह से ही हरिद्वार में हजारों की संख्या में लोग उस रास्ते पर खड़े होकर अपने प्रिय नेता के अस्थि कलश का इंतजार कर रहे थे, जहां से यात्रा गुजरनी थी। सुबह करीब 10.45 बजे वायुसेना के विशेष विमान से अस्थि कलश देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर लाया गया। वाजपेयी के दामाद रंजन भट्टाचार्य, पुत्री नमिता, नातिन निहारिका, भांजा सांसद अनूप मिश्रा और अन्य परिजन भी पहुंचे। यहां से सभी लोग दो हेलीकॉप्टर में अस्थि कलश के साथ हरिद्वार के भल्ला इंटर कॉलेज के मैदान पर उतरे। वर्ष 1996 में इसी मैदान पर अटल जी की जनसभा में हजारों लोग पहुंचे थे।

करीब पौने बारह बजे अस्थि कलश को फूलों से सजे सेना के ट्रक पर रखा गया। कलश के साथ परिजनों के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार के सांसद रमेश पोखरियाल निशंक भी ट्रक में सवार हुए। हरिद्वार के भल्ला इंटर कॉलेज से विसर्जन स्थल हरकी पैड़ी तक चार किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब डेढ़ घंटे का वक्त लगा। यात्रा मायापुरी, ललतारौ पुल, कोतवाली, अपर रोड होते हुए करीब एक बजे हरकी पैड़ी पहुंची। इस दौरान लोग अस्थि कलश की एक झलक पाने को बेताब दिखे। सड़क पर उमड़े सैलाब के अलावा लोग घरों की छतों पर एकत्र होकर लगातार पुष्प वर्षा कर अपने प्रिय नेता को श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे थे।

अस्थि विसर्जन के लिए श्री गंगा सभा की ओर से पहले ही सभी तैयारियां कर ली गईं थीं। ठीक एक बजे वाजपेयी परिवार के पुरोहित पंडित अखिलेश त्रिपाठी और श्री गंगा सभा के आचार्य हरिओम जैवाल  ने मंत्रोच्चारण के साथ कर्मकांड आरंभ किए। करीब 15 मिनट तक चली पूजा के बाद विधि विधान के साथ अस्थियां गंगा में प्रवाहित कर दी गईं। अस्थि विसर्जन के मद्देनजर पुलिस ने हरकी पैड़ी क्षेत्र को जीरो जोन घोषित कर दिया था। प्रात: कालीन गंगा आरती के बाद क्षेत्र में आम जन की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस के करीब एक हजार जवान तैनात किए गए थे।

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