जनता का विश्वास ही हमारी पूंजी: धनराज

गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर न तो विरासत में राजनीति मिली और न ही वे चांदी के चम्मच से केक चखा। संघर्ष से राजनीति का ककहरा सीख कर यहां तक का सफर तय किया है। ट्रैक्टर चलाते हुए माटी की सोंधी महक की भी उन्हें पहचान है। हवा का रुख पहचानने में भी वे अब ‘माहिर’ हो चुके हैं। इसलिए अर्जुन की तरह राजनीतिक ‘लक्ष्य’ पर निशाना साध दिया है। अब जबकि गुलाबपुरा नगर पालिका अध्यक्ष अपना तीन वर्ष पूरा कर रहे हैं। प्रस्तुत है खारीतट संदेश की पालिका अध्यक्ष धनराज गुर्जर से विशेष बातचीत…
प्रश्न: चर्चा है कि धनराज गुर्जर की नजर विधानसभा चुनाव में विधायक की टिकट लेने की है। इसीलिए रेवडिय़ों की तरह प्लाट बांट रहे हैं। इसमें कितनी सचाई है।
उत्तर: आज हम यदि अपने देश में खुशहाली चाहते हैं तो उसका श्रेष्ठ मार्ग है शिक्षा। यह चीज मैंने बहुत बारीकी से महसूस की है। मैंने 10वीं एवं 12 वीं की शिक्षा ओपन बोर्ड से पूरी की है। क्योंकि उस समय मैं अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर पाया। मैंने बैलगाड़ी, ट्रैक्टर चलाकर पानी के टेंकर डाले हैं। अब मुझे मौका मिला है कि किसी भी कारणवश किसी की पढ़ाई अधूरी नहीं रहे। इसी के चलते मैंने देखा कि गुलाबपुरा शहर में आस-पास के गांवों के बच्चे रोजाना सुबह-शाम अपडाउन करके शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। मैंने निश्चय किया कि इस समस्या से निजात पाने के लिए जरूरतमंद समाजों को छात्रावास के लिए रियायती दरों पर भूखण्ड आवंटित करवाए ताकि वहां छात्रावास में बच्चे आसानी से रह सके। रही बात विधायक चुनाव के टिकट की तो बालाजी महाराज और मेरे गुरुजी महाराज के आशीर्वाद से अधिक जिम्मेदारियां निभाने का मौका मिलेगा।

प्रश्न: नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में तीन वर्ष की यात्रा कैसी रही? खारीतट संदेश के पाठकों के संग कुछ साझा करें?
उत्तर: इन तीन सालों का कार्यकाल बहुत ही अच्छा रहा। जनता का भरपूर सहयोग मिला है। हालांकि शुरुआती समय में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ा लेकिन अब सब कुछ सामान्य है। जब मैंने गुलाबपुरा पालिका अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया तब लोगों ने मुझसे बहुत उम्मीदें रखी। मैंने भी उसी के अनुरूप विकास कार्य किए। इसी का परिणाम है कि गुलाबपुरा पालिका क्षेत्र ही नहीं वरन् आस-पास के क्षेत्रों के सहित पूरे विधानसभा क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है।

प्रश्न: चुनाव में आपने कई वादे किए थे। उनमें से कितने पूरे किए। खुद का मूल्यांकन करना हो तो 10 में कितने नम्बर देंगे?
उत्तर: चुनाव में हमने जनता से सिर्फ एक ही वादा किया था वो था विकास का वादा, जो हम निरन्तर पूरा कर रहे हैं। मैंने गुलाबपुरा नगर पालिका क्षेत्र में सभी विकास और जरूरी कार्य निष्पक्ष, ईमानदारी व जिम्मेदारी के साथ करवाए हैं। इसलिए मैं स्वयं का मूल्यांकन करते हुए 10 में से 10 नम्बर दूंगा।

प्रश्न: नगर पालिका अध्यक्ष के रूप में आपकी विशेष उपलब्धि क्या है?
उत्तर: हमने इन तीन वर्षों के कार्यकाल में जो उपलब्ध्यिां हासिल की है उनकी सूचि बहुत बड़ी है, लेकिन मैं सिर्फ बड़े-बड़े कार्यों का ही उल्लेख करूंगा। हमने खारी नदी में एक और चौड़ी और पुरानी वाली से थोड़ी ऊँची सड़क बनवाई ताकि बिजयनगर और गुलाबपुरा का आवागमन सुगम हो। साथ ही पुरानी सड़क की मरम्मत करवाई। पालिका क्षेत्र के सभी मुख्य मार्गों पर विशाल द्वार का निर्माण करवाया। इन मार्गों पर आकर्षक लाईटिंग करवाई है। अस्पताल में मरीज के परिजनों के लिए महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग धर्मशाला और अस्पताल परिसर में गार्डन और सभी आवश्यक सुविधाए दी हैं। साथ ही वाटर कूलर, टिनशेड आदि की व्यवस्था की है। चंूकि मेवाड़ का प्रारम्भ इसी शहर से होता है इसलिए पूरे राजस्थान में एकमात्र इस पालिका क्षेत्र में अष्ट धातुओं से निर्मित महाराणा प्रताप की मूति और पन्ना धाय की मूर्ति का अनावरण जल्द ही करवाएंगे। 4 माह के पानी के बिल माफ, दुर्घटना में घायल एवं मृत्यु होने पर उनके परिजनों को सहायता राशि का चेक वितरण, पालिका की ओर से नि:शुल्क एम्बुलेंस सुविधा, सभी सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क पाठ्य सामग्री एवं गणवेश वितरण साथ ही निजी शिक्षण संस्थाओं में बीपीएल श्रेणी के विद्यार्थियों की फीस व पाठ्य सामग्री मुहैया करवाना, तीन दिवसीय दशहरा मेला, जरूरतमंद समाजों को छात्रावास के लिए रियायती दरों पर भूखण्ड आवंटन आदि हमारी विशेष उपलब्धियां रही हैं। कह सकते हैं पूरे राजस्थान में गुलाबपुरा एक आदर्श नगर पालिका हैं।

प्रश्न: नगर पालिका में तीन-चार वर्ष पूर्व और आपके कार्यकाल में बुनियादी फर्क क्या है? भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए आपने क्या किया?
उत्तर: तीन साल से पूर्व का जो कार्यकाल था उसमें गुलाबपुरा की जनता बहुत परेशान थी। उस समय शहर के सभी मुख्य मार्गों सहित विभिन्न गली -मोहल्लों में सड़कें जर्जर थीं। अधिकांश रोडवेज बसें शहर में नहीं आती थीं। उस समय रेलवे का अण्डरब्रिज का निर्माण हुआ था जो कि शहर वासियों के लिए बहुत बड़ी परेशानी का सबब बना। आए दिन दुर्घटनाऐं होती थी। उस समय की स्थिति और आज की स्थिति में दिन-रात का अंतर है। उस समय के पालिका बोर्ड को जनता कोसती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। विकास कार्य हुए लेकिन भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। अगर एक भी कार्य में भ्रष्टाचार साबित हो जाए तो फिर राजनीति करने का कोई मतलब नहीं। हम जिस संगठन और जिस संस्कार में हमने कार्य किया है, वहां बेईमानी और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश नहीं है। जनता का विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

प्रश्न: यदि आपको विधानसभा चुनाव में टिकट मिलता है तो आपकी रणनीति क्या रहेगी? और विधायक बनने के बाद आपकी प्राथमिकता क्या होगी?
उत्तर: मेरा मूल उद्देश्य सेवा ही है। राजनीति में आदमी ईमानदारी से काम करे तो इससे अच्छा और कुछ नहीं हो सकता। रही बात प्राथमिकता की तो मैं भाई लक्ष्मण, भरत और बेटे श्रवण की तरह आमजन की सेवा करना चाहता हूं, बस और कुछ नहीं।

प्रश्न: आखिरी प्रश्न, शेष बचे दो वर्षों में नगर पालिका क्षेत्र के विकास को लेकर आपकी क्या योजना है?
उत्तर: बारिश का सीजन खत्म होते ही पालिका क्षेत्र के लिए 12 करोड़ रूपये के विकास कार्य होंगे और सभी विकास कार्य 100 दिनों में ही पूरे होंगे। इस दरमियान होने वाले विकास कार्यों का हर सप्ताह मैं स्वयं के स्तर पर मॉनिटरिंग करूंगा। साथ ही आमजन के सेवा कार्यों में और भी विस्तार किया जाएगा। पालिका क्षेत्र में पानी की 4 टंकियों का निर्माण कार्य चल रहा है जो शीघ्र ही पूरा हो जाएगा और दिसम्बर 2018 तक हर हाल में गुलाबपुरा क्षेत्र को चम्बल का पानी मुहैया होगा। राजनीति मुख्य तीन बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए करनी चाहिए (1) शहर का विकास, (2) सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों को दिलवाना, (3) शहर में सामाजिक समरसता और भाईचारे को कायम रखना।

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