भद्रा नहीं होने से बहनें दिनभर बांध सकेंगी राखी

बिजयनगर। भाई-बहन के अटूट प्रेम के पावन पर्व रक्षाबंधन (26 अगस्त) पर इस बार भद्रा का साया नहीं रहेगा। सूर्योदय से पूर्व ही भद्रा समाप्त हो जाने से बहनें दिनभर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। सूर्योदय व्यापिनी तिथि मानने के कारण रात में भी राखी बांधी जा सकेगी। वहीं, चार साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है।

ज्योतिष पं. चन्द्रप्रकाश आचार्य ने बताया कि जो भक्तजन पूरे श्रावण मास में भगवान शंकर की पूजा करते है वो इस दिन विशेष पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ण का वरदान मांगते हुए अपनी पूजा पूर्ण करते हैं। पंचांग के मुताबिक पूर्णिमा 25 अगस्त को दोपहर 03:15 बजे से 26 अगस्त को शाम 05:30 रहेगी। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा। 26 अगस्त को पूर्णिमा शाम 05:26 तक होने से यह त्यौहार पूरे दिन मनाया जाएगा।

ग्रहण मुक्त रहेगी राखी
इस बार श्रावण पूर्णिमा ग्रहण से मुक्त रहने के चलते रक्षाबंधन का त्यौहार सौभाग्यशाली रहेगा। वहीं, रक्षाबंधन के दिन घनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण पंचक रहेगा। यह राखी बांधने में यह बाधक नहीं बनेगा।
यह है श्रेष्ठ मुहूर्त
सुबह 09:15 से दोपहर 12:35 तक लाभ और अमृत का चौघडिय़ा।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 बजे से 01:10 तक रहेगा।
शुभ चौघडिय़ा दोपहर 02:15 बजे से 03:40 तक रहेगा।

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