पुलिस और वकीलों में तकरार

साथी को हवालात दिखाने पर भड़के वकील : सात दिनों से जारी है न्यायिक कार्यों का बहिष्कार
बिजयनगर। एडवोकेट महावीर शर्मा के साथ कथित अभद्रता एवं शांतिभंग के आरोप में हवालात में डाल देने के आरोप के बाद स्थानीय अभिभाषक संघ और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते स्थानीय अभिभाषक संघ का पिछले सात दिनों से न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी है। इससे स्थानीय अदालत में कामकाज ठप पड़ा है। दूसरी ओर मामले में पुलिस का तर्क है कि एक कार के विवाद में परिवादी की शिकायत पर परिवादी और वकील दोनों को 14 अगस्त को थाने पर बुलाया गया था जहां दोनों आपस में झगड़े पर उतारू हो गए तो दोनों को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया था।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक गत 13 अगस्त को इन्द्रा कॉलोनी निवासी इन्द्रराज कुमावत ने कस्बे के वकील महावीर शर्मा के खिलाफ एक परिवाद दर्ज कराया था। इसमें कुमावत ने आरोप लगाया कि उसने कुछ समय पहले एक कार खरीदी थी जो दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस पर दुर्घटनाग्रस्त कार को कुमावत ने जस की तस हालत में वैष्णव भवन के पास एक फैक्ट्री के आहते में खड़ा कर दिया था। कुमावत का आरोप है कि फैक्ट्री में खड़ी कार को एडवोकेट महावीर शर्मा ने चुरा लिया और उसकी मरम्मत कराकर उसे खुद चलाने लगा। इस पर कुमावत ने एडवोकेट शर्मा से सम्पर्क कर उसे उलाहना दिया तो एडवोकेट महावीर शर्मा ने उसे कहा कि मैं वकील हूँ और पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तेरी मर्जी है जहाँ जा मैं तुझे कार नहीं लौटाउंगा। इस पर कुमावत ने बिजयनगर थाने में परिवाद पेश कर महावीर शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने परिवादी इन्द्रराज कुमावत और एडवोकेट महावीर शर्मा को पूछताछ के लिए 14 अगस्त को थाने पर बुलाया।

यूं हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक जब पूछताछ के लिए वकील और परिवादी दोनों को थाने पर बुलाया तो वहां पुलिस के सामने ही दोनों एक दूसरे से झगड़ पड़े इस पर पुलिस ने दोनों को समझाने की कोशिश की और जब नहीं माने तो पुलिस ने दोनों को शांतिभंग के आरोप में धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया और अगले दिन 15 अगस्त को जमानत पर छोड़ दिया।

अभिभाषक संघ का आरोप
स्थानीय अभिभाषक संघ की ओर से मामले में अजमेर रेंज के आईजी को गत दिवस एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें बताया गया कि 14 अगस्त को अभिभाषक संघ बिजयनगर के वकील महावीर शर्मा को बिजयनगर थाने के कांस्टेबल रामसिंह ने मोबाइल पर बात कर थाने पर आने को कहा इस पर महावीर शर्मा थाने पर पहुंचे तो उन्हें कांस्टेबल सिंह ने कहा कि आपके खिलाफ एक परिवाद है। जब शर्मा ने परिवाद की जानकारी चाही तो कांस्टेबल सिंह ने परिवादी को भी थाने पर बुला लिया। जहां थाना परिसर में बैठ कर दोनों बात कर रहे थे लेकिन बातचीत में समय अधिक लग जाने पर शर्मा ने निजी कार्यवश दस मिनट के लिए घर जाकर वापस आने की बात कही तो कांस्टेबल रामसिंह ने महावीर शर्मा के साथ अभद्र व्यवहार किया और कहा चुपचाप बैठ जा।

इस पर शर्मा ने कहा कि मुझे मेरी गाय का दूध निकालने जाना जरूरी है। इस पर फिर कांस्टेबल सिंह ने कहा कि चुपचाप बैठ जा नहीं तो हवालात में डाल दूंगा। इसी बीच थाना प्रभारी भवानीसिंह मौके पर पहुंच गए और आते ही गाली गलौच करते हुए एडवोकेट शर्मा को कहा कि तू वकील होगा तो होगा तेरे जैसे कई वकील यहां रोज चक्कर लगाते हैं। यह कहते हुए थाना प्रभारी भवानीसिंह ने कांस्टेबल सिंह को कहा कि इस वकील के कपड़े खुलवाकर हवालात में डाल दो। इस पर कांस्टेबल रामसिंह व महेन्द्रसिंह ने जबरन एडवोकेट महावीर शर्मा के कपड़े खुलवा दिए और हवालात में डाल दिया।

मौके पर पुलिस ने हवालात में डालने का कोई कारण नहीं बताया। मामले की जानकारी मिलने पर 15 अगस्त को अभिभाषक संघ के अधिवक्ता गोविन्दनारायण शर्मा, सुनिल खत्री, महेश पाण्ड्या, ताराचन्द शर्मा, दिनेशकुमार रांका पहुंचे तो थाने पर मौजूद कांस्टेबल रामसिंह ने उन्हें एडवोकेट शर्मा से नहीं मिलने दिया और अभद्रता की। अभिभाषक संघ का आरोप है कि एडवोकेट महावीर शर्मा को पुलिस ने गैर कानूनी रूप से हवालात में रखकर कानून की अवहेलना की है अत: थाना प्रभारी भवानीसिंह सहित कांस्टेबल रामसिंह, महेन्द्रसिंह को तुरन्त प्रभाव से निलम्बित किया जाए।

मुझे जबरन हवालात में डाला
थाना प्रभारी भवानीसिंह ने एक मामले में मुझे थाने पर बुलाया और मेरे साथ अभद्रता करते हुए सारी हदें लांघ गए। थाने में पुलिसकर्मियों ने डरा धमाकर मेरे कपड़े उतरवाए और मुझे जबरन हवालात में डाल दिया। पुलिसकर्मियों का व्यवहार पूर्णतया अशोभनीय व गैर कानूनी है।
एडवोकेट महावीर शर्मा, बिजयनगर

कार के विवाद में परिवादी इन्द्रराज कुमावत और आरोपी वकील महावीर शर्मा को पूछताछ के लिए थाने पर बुलाया था। जहां दोनों आपस में झगडऩे लग गए। समझाने के बाद भी शांत नहीं हुए तो दोनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसमें गैर कानूनी क्या है?
भवानीसिंह, थाना प्रभारी, बिजयनगर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar