मुश्किल भरा है अंतिम सफर

बिजयनगर। यहां के बड़े-बुजुर्गों का अंतिम सफर भी मुश्किल भरा है। श्मसान और कब्रिस्तान जाने के रास्ते भी जोखिम भरे है। शहर के गणमान्य लोग समस्या से पालिका प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके है उसके बावजूद हालात जस के तस हैं। नगर पालिका प्रशासन इस ओर तनिक भी ध्यान नहीं दे रहा है।
बिजयनगर। हर व्यक्ति की दिली तमन्ना होती है कि जिस दिन वह सांसारिक दुनिया को अलविदा कहे तो उसका अंतिम सफर तो कम से कम सुकून भरा हो। इसके उलट बिजयनगर नगर पालिका की महेरबानी से कस्बे के लोगों का अंतिम सफर भी उबड़-खाबड़ डगर से होकर गुजरता है, फिर चाहे वह हिन्दू हो या मुसलमान। कस्बे के श्मसान रोड व कब्रिस्तान रोड की दुर्दशा ऐसी है कि यहां से गुजरने वाले मुर्दों का अंतिम सफर भी सुकून भरा नहीं रहा। इसके बावजूद इस बड़ी समस्या की ओर नगर पालिका बोर्ड ध्यान नहीं दे रहा। हालात यह है कि इन दोनों रास्तों पर कोई न कोई राहगीर गिरता है और नगर पालिका को कोसता हुआ गंतव्य की ओर बढ़ जाता है।

वर्षों से गुलाबपुरा की ओर जाने वाला श्मसान रोड जर्जर अवस्था में था। आखिरकार पिछले वर्ष नगर पालिका प्रशासन ने इसकी सुध ली और सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। कोढ़ में खाज यह है कि नगर पालिका ने काम तो शुरू किया लेकिन अण्डरब्रिज से आगे की सड़क को रामभरोसे छोड़ दिया। इसके आगे नृसिंहद्वारा के सामने नाले के पानी की निकासी के लिए पालिका ने सड़क तो काट दी लेकिन इसकी मरम्मत नहीं कराई। इसके चलते इस स्थान से गुजरते समय वाहन चालकों का संतुलन बिगडऩे का खतरा बना रहता है, कई दुपहिया वाहन चालक इस जगह गिरकर अपने हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं।

वहीं इसी प्रकार शव यात्रा के समय भी अर्थी ले जाने वाले चार लोगों का संतुलन बिगड़ता है। वहीं शव यात्रा में शामिल होने वाले बुर्जुगों को विशेष कष्ट सहन करना पड़ता है। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस रोड की मरम्मत को लेकर गम्भीर नहीं है। कुछ ऐसे ही हालात कब्रिस्तान रोड के हैं। इस रोड से गुजरने वाले वाहन चालकों को जहां उबड़-खाबड़ और कीचड़ से भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। वहीं जनाजा लेकर निकलने वाले लोग इस सीधे रास्ते का मोह छोड़कर वैकल्पिक रास्ते से जनाजा ले जाने को मजबूर हैं। इस मामले में क्षेत्रीय पार्षद लेखराज बैरवा भी पालिका प्रशासन से कई बार इस सड़क की मरम्मत की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

अब किससे करें फरियाद
कब्रिस्तान मार्ग जगह-जगह से टूटा हुआ है और जगह-जगह कीचड़ फैला हुआ है। ऐसे में जब भी कोई जनाजा निकलता है तो लोगों को सीधे रास्ते के बजाय गली-कूचों से होकर कब्रिस्तान पहुंचना पड़ता है। क्षेत्रीय पार्षद लेखराज बैरवा व बृजेश तिवाड़ी को कई बार समस्या से अवगत करा चुके हैं लेकिन अब तक इस रास्ते की मरम्मत नहीं हो सकी है। अब किससे फरियाद करें?


सद्दीक शाह, सेके्रट्री-कब्रिस्तान कमेटी, बिजयनगर

मृतक की आत्मा धिक्कारेगी
अंतिम संस्कार के लिए मृत शरीर की शव यात्रा व्यक्ति की अंतिम यात्रा है। इस यात्रा का मार्ग सुगम होना चाहिए। हिन्दू धर्म शास्त्रों में भी इसका बहुत महत्व है। ऐसे में अंतिम यात्रा का सफर भी अगर कठिन डगर पर हो तो देह त्यागने वाले व्यक्ति की आत्मा भी हमें धिक्कारेगी। ऐसे में पालिका को चाहिए कि तुरन्त प्रभाव से इस मार्ग को दुरुस्त करावें।


धनराज काविडय़ा, अध्यक्ष प्रखण्ड-विश्व हिन्दू परिषद

रोड की दुर्दशा से कराया है अवगत
श्मसान रोड बिजयनगर-गुलाबपुरा का व्यस्तम मार्ग है। इस रोड की दुर्दशा को लेकर मैंने कई बार पालिका प्रशासन को अवगत कराया। साथ ही रोड की चौड़ाई नहीं बढ़ाने से सरिये वाले वाहनों से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यह मुद्दा मैंने बैठक में उठाया था लेकिन प्रशासन कुछ भी कार्यवाही नहीं कर रहा है। मैंने कई बार पत्र के माध्यम से समस्याओं से जल्द से जल्द निजात दिलाने की मांग की है।


संजय शर्मा, पार्षद वार्ड-18

वार्ड 23 व 25 की जनता परेशान
कब्रिस्तान रोड वार्ड 23 व 24 का मुख्य मार्ग है एकमात्र यही मार्ग है जो इन दो वार्डों को शहर से जोड़ता है लेकिन यह रोड पिछले एक वर्ष से भी अधिक समय से जगह-जगह से टूटा हुआ है। इसकी मरम्मत के लिए मैंने कई बार पालिका प्रशासन को व्यक्तिगत और लिखित तौर पर अवगत कराया लेकिन आज दिन तक कार्यवाही नहीं हुई। इससे इन दोनों वार्डों की जनता बहुत परेशान है। उन्हें इस मार्ग से निकलने में कई कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
लेखराज बैरवा, पार्षद वार्ड-23

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