दुर्गम क्षेत्रों में सक्षम बख्तरबंद वाहनों की जरूरत: जनरल रावत

नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने अाज कहा कि विभिन्न भू भागों में हो रहे बदलावों के मद्देनजर ऐसे बख्तरबंद वाहनों की जरूरत है जिनका उत्तरी तथा पश्चिमी दोनों सीमाओं के दुर्गम क्षेत्रों में संचालन किया जा सके।
भविष्य के बख्तरबंद वाहनों के बारे में यहां आयोजित सेमीनार में जनरल रावत ने कहा , “ भारतीय सेना अपने यांत्रिक बलों का अाधुनिकीकरण करना चाहती है और इसके लिए समय सीमा निश्चित होनी चाहिए। सेना वर्ष 2025 से आधुनिक टैंकों और इन्फेन्ट्री युद्धक वाहनों को अपने बेडे में शामिल करना चाहती है। ”
नहरों के विकास के चलते बंजर भूमि हरियाली में तब्दील हो गयी है और आबादी का घनत्व बढने से चुनौतियां बढी हैं। उन्होंने कहा , “ नहरों के चलते हमें पुलों की जरूरत को पूरा करना हाेगा , रणक्षेत्र की जटिलता बढ रही है। ”
सेना प्रमुख ने कहा कि भविष्य कुछ भी हो बख्तरबंद वाहनों में पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर संचालन की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा ,“ हम जो भी हथियार लें वह इन दोनों मोर्चों पर काम करने में सक्षम हो। ” सेना प्रमुख ने कहा कि वाहनों का वजन कम करने की भी जरूरत है।

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