शोर शराबे और हंगामे के बीच नौ विधेयक पारित

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के शोर शराबे के बीच आज नौ विघेयक सर्वसम्मति से पारित कर दिये गये। विधानसभा में पक्ष विपक्ष के शोरगुल और हंगामे के कारण दो बार बाधित हुयी कार्यवाही के बाद अपरान्ह दो बजे बाद सदन में विधायी कार्य निपटाये गये। सभापति राव राजेन्द्र सिंह ने विधायी कार्य शुरू करते ही कांग्रेस के सचेतक गोविंद सिंह डोटासरा ने पुन: मुख्यमंत्री गौरव यात्रा के मुददे पर चर्चा कराने की मांग की जिस पर सभापति ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने इस पर व्यवस्था दे दी है। इसलिये अब इस पर कोई चर्चा नही हो सकती।

सभापति की व्यवस्था से असंतुष्ट कांग्रेस के सदस्य वैल पर आ गये और शोर शराबा करने लगे। कांग्रेसी सदस्यों ने इस दौरान सरकार विरोधी नारे लगाये। कांग्रेस के सदस्यों ने जनता से लूटे धन को जमा करो के नारे भी लगाये। विपक्ष के शोर शराबे के बीच ही राज्य सरकार की ओर से अधिसूचनाओं और प्रतिवेदन सदन की मेज पर रखे गये। इसके बाद श्रीमती किरण माहेश्वरी ने डा़ सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर संशोधन विधेयक 2018, जगदगुरू रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय सशोधन विधेयक 2018,राजस्थान निजी विश्वविद्यालय की विधियां संशोधन विधेयक 2018, अपेक्स विश्वविद्यालय जयपुर विधेयक 2018, श्याम विश्वविद्यालय लालसोट दौसा विधेयक 2018,लार्डस विश्वविद्यालय चकानी अलवर विधेयक 2018, तथा श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय पीलीबंगा विधेयक 2018 पेश किया जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री ने राजस्थान विधानसभा अधिकारियों तथा सदस्यों की परिलब्धियां और पेंशन संशोधन विधेयक 2018 तथा राजस्थान पंचायती राज संशोधन विघेयक 2018 पेश किया जिसे बगैर किसी चर्चा के पारित कर दिया गया।

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