घुसपैठियों को भारत में नहीं आने देंगे: शाह

नई दिल्ली। भाजपा कार्यकारिणी की शनिवार को पहले दिन बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के भाषण का उल्‍लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी की विकास यात्रा में अटल जी के योगदान को याद किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में अटल जी के निधन से जो खालीपन आया है उसको कभी भरा नहीं जा सकेगा।

सीतारमण ने कहा कि जैसा अमित शाह ने कहा कि यदि अफगानिस्तान, पाकिस्तान या बांग्लादेश में, हिंदू, सिख, बौद्ध, क्रिस्टीन या जैन शरणार्थियों ने भारत से संपर्क किया, बिना किसी हिचकिचाहट के हमें उन्हें शरण देना चाहिए। केरल और देश के अन्‍य हिस्‍सों में बाढ़ के दौरान सरकार की ओर से पूरी मदद की गई। इसके अलावा पार्टी के कार्यकर्ताओं को अभी भी मदद के लिए तैयार रहने को कहा गया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार द्वारा जो भी अच्छे काम किए हैं, उसको हम जनता तक लेकर जाएंगे। हमारी सरकार ने किसानों के लिए समर्थन मूल्य डेढ़ गुना किया। आयुष्मान भारत के द्वारा गरीबों के लिए इलाज की व्यवस्था की गई। अध्यक्ष जी ने अपने भाषण में महागठबंधन को झूठ पर आधारित गठबंधन बताया और कार्यकर्ताओं से अपील की कि इसका सच देश की जनता तक ले जाएं।

वहीं, शाह ने पार्टी के कार्यकर्त्ताओं से आह्वान किया कि वे अर्थव्यवस्था को लेकर ‘पी. चिदंबरम एंड कंपनी’ द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों को तथ्यों के आधार पर चुनौती दें। अध्यक्ष जी ने अपने भाषण में कहा कि एक तरफ जहां भाजपा ‘मेकिंग इंडिया’ में लगी है वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ‘ब्रेकिंग इंडिया’ में लगी है। हम इस तरह से एनआरसी का किर्यान्वन करेंगे कि एक भी नए घुसपैठिए को भारत में नहीं आने देंगे। 2019 का चुनाव मोदी सरकार की उपलब्धियों और हमारे संगठन की शक्ति के आधार पर लड़ा जाएगा।

बैठक की शुरुआत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उद्घाटन संबोधन से हुई। आने वाले चुनावों को लेकर शाह ने कहा कि बहुमत के साथ वे जीत हासिल करेंगे। शाह ने कहा, ‘ संकल्प की शक्ति को कोई पराजित नहीं कर सकता है।’ बैठक में शाह ने आने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 से भी बड़ी जीत सुनिश्चित करने के लिए सभी को शपथ दिलाई। जब भाजपा ने पहली बार अपने चुनावी इतिहास में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों की बैठक में ‘अजेय भाजपा’ का एक नारा दिया गया।

सभी ने हाल में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के लिए काम करने का वचन दिया और तेलंगाना में चुनावों पर अतिरिक्त जोर देने के लिए एक निर्णय लिया गया। जहां राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के साथ चुनाव कराने की संभावना है। दो दिन तक चलने वाली इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी साथ ही नवंबर में एक साथ कई राज्यों में होने वाले चुनावों की तैयारियों को लेकर रणनीति पर भी बात हो सकती है। बैठक में हिस्सा लेने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित साह आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर पहुंच चुके हैं वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा सभी सांसद, मंत्री व राज्यों के नेता इस बैठक में हिस्सा लेंगे।

इस बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति की छाया में ही भाजपा नेतृत्व यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि पार्टी आम जनता के कल्याण के लिए समर्पित रही है। राफेल, महंगाई, पेट्रोल डीजल की आग जला रहे विपक्ष को एमएसपी, आयुष्मान और उज्ज्वला के जरिए जवाब दिया जाएगा। 16 अगस्त को वाजपेयी की मृत्यु के कारण टली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अब 8-9 सितंबर को हो रही है। यह तय है कि दिल्ली के अंबेडकर भवन में आयोजित यह बैठक अटल के रंग में रंगी होगी। ध्यान रहे कि अटल की स्मृति में अभी भी पार्टी कार्यक्रम चल रहे हैं।

16 सितंबर को देहावसान के एक महीना पूरा होने पर उन्हें काव्यांजलि दी जाएगी जबकि 17 सितंबर से एक सप्ताह तक अलग अलग जिलों में गरीब कल्याण से जुड़ी योजनाओं को तेजी देते हुए कार्याजलि दी जाएगी। जाहिर है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उदघाटन संबोधन से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समापन संबोधन तक अटल का जिक्र आएगा। वैसे अलग अलग सत्र में चुनावी राज्य मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान पर भी चर्चा होगी। चूंकि तेलंगाना में भी नवंबर में ही चुनाव होने की संभावना है लिहाजा वहां की रणनीति पर भी अलग से चर्चा हो सकती है। पार्टी नेतृत्व के संबोधन से नेताओं व कार्यकर्ताओं को विभिन्न मुद्दों पर दिशा जरूर मिलेगी। माना जा रहा है कि पार्टी एक राजनीतिक और एक आर्थिक प्रस्ताव लाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar