अंधविश्वास के प्रबल विरोधी थे पन्नालाल जी मसा.

पूज्य प्रवर्तक श्री पन्नालालजी म.सा. की 131वीं जन्म जयंती तप-त्याग से मनाई गई
बिजयनगर। अपने जीवन काल में जैन संत, राजस्थान केसरी, स्वाध्याय शिरोमणि, पूज्य प्रवर्तक पन्नालालजी म.सा. ने अंधविश्वास का प्रबल विरोध किया। यह बात प्रमोद मुनि ने बुधवार को महावीर भवन में आयोजित मुनि पन्नालालजी की 131 वीं जन्म जयंति के अवसर पर आयोजन धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कही। प्रमोद मुनि ने गुरु पन्नालाल का गुणगान करते हुए कहा कि मुनि पन्नालाल ने समाज में व्याप्त कुरीति, जादू-टोना, जीव हिंसा व मृत्यु भोज आदि का प्रबल विरोध किया था।

साथ ही अनेक देव स्थानों पर पशु बलि भी बन्द करवाई। मुनि पन्नालाल ने रियासत काल में अनेक राजाओं-महाराजाओं को जीव हिंसा, मद्यपान, मांस भक्षण व दुव्र्यसनों को त्यागने का संकल्प दिलाकर सन्मार्ग पर लौटने की सीख भी दी थी। मुनि पन्नालाल का व्यक्तित्व आत्मगुणों से पूर्ण प्रकाशमान था। सामाजिक कुरूतियों के उन्मुलन के लिये उनके प्रयास को युगों तक याद किया जायेगा। धर्म सभा को संघ मणि ज्ञानसिंह सांखला, चतरसिंह पीपाड़ा, प्रकाशचन्द बड़ौला, धर्मीचन्द खटोड़, ज्ञानचन्द सिंघवी, दिलीप मेहता, मूलचन्द नाबेड़ा, अमित लोढ़ा, सुरेन्द्र सिंघवी सहित कई वक्ताओं ने गुरुदेव के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उनके गुणानुवाद किये।

तेरापंथ भवन में पर्यूषण महापर्व पर हो रहे विविध आयोजन: जैन धर्म का प्रमुख पर्व पर्युषण शहर के तेरापंथ भवन, बिजयनगर में लाडनूं, तेरापंथ पारमार्थिक शिक्षण संस्था से आई मुमुक्षु चेतनाजी, संस्था निर्देशिका, मुमुक्षु करिश्माजी, मुमुक्षु वंदनाजी, मुमुक्षु दीक्षितजी के सान्निध्य में विविध आध्यात्मिक अनुष्ठानों के साथ मनाया जा रहा है। सभा के मंत्री दिलीप तलेसरा ने बताया कि 13 सितम्बर को ध्यान दिवस, 14 को संवत्सरी दिवस व 15 सितम्बर को क्षमापना दिवस के रूप में मनाया जाएगा। प्रतिदिन 2:30 से 3:30 बजे तक धर्म अराधना एवं 6:30 से 7:30 बजे तक गुरुवंदना व प्रतिक्रमण एवं 8 से 9 बजे तक रात्रिकालीन कार्यक्रम में अरहत वंदना एवं विभिन्न विषयों पर मुमुक्षु बहिनों द्वारा प्रवचन होगा।

एस.पी. कॉलेज
श्री प्राज्ञ महाविद्याल में बुधवार को परम पूज्य गुरुदेव श्री पन्नालालजी म.सा. की 131 वीं जन्म जयंति मनाई गई। इस अवसर पर एक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसके तहत विद्यार्थियों द्वारा भजन गायन व काव्य प्रस्तुतियां दी गई। भजन गायन में प्रथम सुनिता कुम्हार व द्वितीय ज्योति जैन रही इसी प्रकार काव्य प्रस्तुति में प्रथम मेघना जाट रही। कार्यक्रम में महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सुजीत जैन ने गुरुदेव श्री पन्नालालजी म.सा. के सानिघ्य में संचालित संस्थाओं व उनके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में उप प्राचार्य डॉ. प्रकाशकुमार मल्ल, डेयरी निदेशक एस.आर. सिंह व कार्यालय अधीक्षक नवीनकुमार गहलोत ने गुरुदेव की जन्म जयंति पर अपने विचार प्रकट किये। इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यतीशचन्द्र, पंकज निगम, दिनेश कुमावत, विजयपाल, डॉ. उमेश गारु, महेन्द्रकुमार जाट, रूपाली शर्मा, रमेश कीर, मयंक भण्डारी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सुश्री पूनम कोठारी व पूजा जिंदल ने किया।

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