राजस्थान: कांग्रेस और भाजपा बदलेगी टिकट देने का फार्मूला

जयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के रण में सियासी घमासान शुरू होने के साथ टिकट तय करने को लेकर कसरत तेज हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में इस बार भी हमेशा की तरह वे ही नेता चुनाव लड़ना चाहते है, जिनकी अाधी से अधिक उम्र ही विधायकी में गुजरी है। इन नेताओं की उम्र 70 साल या इससे अधिक हो चुकी, लेकिन ये फिर टिकट की कतार में लगे हुए है। ये नेता पार्टी नेतृत्व के समक्ष एक बार फिर अवसर देने की गुहार लगा रहे है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों ने पहले 70 साल से अधिक उम्र के लोगों को टिकट नहीं देने की बात कही थी, लेकिन अब जब चुनाव में टक्कर कांटे की नजर आ रही है तो दोनों ही पार्टियां अपने फार्मूले को लागू करने से पीछे हट रही है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व अब जीताऊ का टिकट देने की बात कर रहा है। इसके लिए उम्र को नजरअंदाज करने को भी तैयार है।

14वीं विधानसभा में 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 17 विधायक है। इनमें सर्वाधिक 14 भाजपा के 2 कांग्रेस और 1 निर्दलीय विधायक है। भाजपा विधायकों में सुंदरलाल (86 वर्ष), कुंजीलाल मीणा (86 वर्ष), किशनाराम नाई (85 वर्ष), कैलाश मेघवाल (84 वर्ष), गुरजंट सिंह (79 वर्ष), अमरामराम (75 वर्ष), लादूराम विश्नोई (75 वर्ष), गोपाल जोशी (82 वर्ष), जयनारायण पूनिया (85 वर्ष), कैलाश भंसाली (77 वर्ष), सूर्यकांता व्यास (80 वर्ष), हीरालाल (78 वर्ष), डॉ.रामप्रताप (75 वर्ष), गुलाबचंद कटारिया (76 वर्ष), नंदलाल मीणा (75 वर्ष) और घनश्याम तिवाड़ी (75 वर्ष) शमािल है। इनमें मेघवाल विधानसभा अध्यक्ष और नंदलाल मीणा, कटारिया सरकार में मंत्री है। कांग्रेस के दो विधायकों में नारायण सिंह की उम्र 85 और प्रधुम्न सिंह की उम्र 81 है। वहीं निर्दलीय विधायक मानिक चंद सुराणा की उम्र 75 साल है। ये सभी 25 से 35 साल तक विधायक रहे है।

75 साल से अधिक उम्र के भाजपा के सभी विधायक एक बार फिर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते है, वहीं कांग्रेस के नारायण सिंह और प्रधुम्न सिंह खुद रिटायर होकर अपने पुत्रों को टिकट दिलवाने के प्रयास में जुटे है। कुछ समय पहले तक 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने की बात करने वाले कांग्रेस और भाजपा के नेतृत्व ने अब जीताऊ को टिकट देने की बात कही है। इसी साल के प्रारम्भ में दोनों ही दलों के नेतृत्व ने 70 साल से अधिक उम्र के नेताओं को टिकट नहीं देने का क्राइटेरिया बनाने की बात कही थी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा कि हमारा ध्येय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना है। इसके लिए जो भी चुनाव जीतने की क्षमता रखता होगा,उसे टिकट मिलेगा। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल सैनी का कहना है कि पहले किसी भी विषय पर विचार किया गया हो, लेकिन अब जीताऊ को टिकट मिलेगा,इसमें उम्र का कोई बंधन नहीं होगा।

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