अरुणाचल में चीनी सैनिकों की घुसपैठ

नई दिल्ली। चीन की सेना ने अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ किया। चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर अंदर तक पहुंच गए थे। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार करने की यह घटना अक्टूबर के पहले हफ्ते में हुई। भारतीय सेना के विरोध के बाद चीन के सैनिक वापस लौट गए। यह पहला मौका नहीं है जब चीन की सेना ने घुसपैठ की है।

2017 में सिक्किम के डोकलाम में चीन की सेना द्वारा सड़क निर्माण कराने पर दोनों देशों के बीच तनातनी पैदा हो गई थी। 73 दिनों तक दोनों देशों की सेना आमने-सामने बनी रही। इसके बाद बातचीत के माध्यम से दोनों देशों ने इस मसले को सुलझाया था। लद्दाख में घुसपैठ कर लगाए थे टेंटइसी साल जुलाई में लद्दाख में भी चीन के सैनिकों ने घुसपैठ की थी। उन्होंने यहां डेमचोक में पांच टेंट लगाए थे। भारतीय सैनिकों ने उन्हें तिरंगा दिखाकर लौटने को भी कहा था, लेकिन चीन के सैनिकों ने इसे नजरंदाज कर दिया था। हालांकि, बाद में उन्होंने बाद में तीन टेंट हटा लिए थे। भारत और चीन के बीच 4000 किलोमीटर की एलएसी पर करीब 23 विवादित और संवेदनशील इलाके हैं।

सेना के पूर्व अधिकारियों का मानना है कि चीन की सेना की घुसपैठ करने की हरकत से संकेत मिलता है कि डोकलाम जैसी स्थिति दोहरा सकती है। सूत्रों ने कहा कि अरुणाचल की दिबांग घाटी में चीन के सैनिक घुसे थे। भारतीय सैनिकों ने इसका तुरंत विरोध किया। इसके बाद चीनी सैनिक लौट गए। इस साल के शुरूमें सामने आई सैटेलाइट की तस्वीरों से पता चला था कि चीन डोकलाम में अपना बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा है। चीन ने डोकलाम के उत्तरी हिस्से में सात हेलिपैड बना लिए हैं। वहां पर मिसाइलें, टैंक्स, आर्मर्ड व्हीकल्स, ऑर्टिलरी सहित कई अन्य सैन्य उपकरणों की मौजूदगी पाई गई।

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