सख्ती से हो कानून की पालना

नगर पालिका प्रशासन भी कार्रवाई करता रहा है। कई बार यह कार्रवाई महज औपचारिकता बन कर रह जाती है। ऐसे में इस तरह के अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। नोटिस जारी किए जाते हैं लेकिन उन नोटिस का कोई असर होता हुआ नहीं दिखता।
भवन कोई गाजर घास नहीं कि अपने आप उग आए। शहरों में भवन बनाने के अपने-नियम कायदे बने हैं। नगर पालिका बिजयनगर क्षेत्र में कई भवन नियम-कायदों को ताक पर रख कर बना दिए गए हैं या फिर बन रहे हैं। खारीतट संदेश इन मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित करता रहा है।
नगर पालिका प्रशासन भी कार्रवाई करता रहा है। कई बार यह कार्रवाई महज औपचारिकता बन कर रह जाती है। ऐसे में इस तरह के अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हो जाते हैं। नोटिस जारी किए जाते हैं लेकिन उन नोटिस का कोई असर होता हुआ नहीं दिखता। हालात तो यह हैं कि नगर पालिका कई बार एक ही व्यक्ति को नोटिस तो थमाता है लेकिन उसके चेहरे पर लेशमात्र शिकन तक नहीं आती।

यह कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि ऐसे लोगों के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा जारी किया गया नोटिस महज चूरन की पर्ची से अधिक मायने नहीं रखता। वर्ना, अवैध रूप से तलघर और तीन के बजाय पांच मंजिल बनाने की कोई धृष्टता नहीं करता। पालिका के नोटिस का असर बस इतना-सा रहा कि दिन के बजाय रात में निर्माण कार्य शुरू हो गया। नगर पालिका प्रशासन नोटिस जारी करने के बाद झांकने तक नहीं गया। जाहिर है, नोटिस में दिए संदेश पर सख्ती से अमल किया गया होता तो फिर से निर्माण कार्य शुरू करने की नहीं सोच सकता था। नगर पालिका प्रशासन ने एक बार फिर नोटिस जारी किया है। देखना यह है कि इस नोटिस का असर क्या होता है। या फिर बेअसर रहेगा…।

– जय एस. चौहान –

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar