नारायण दत्त तिवारी का निधन, अंत्येष्टि शनिवार को हल्द्वानी में

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे दिग्गज राजनेता नारायण दत्त तिवारी का गुरुवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 93 वर्ष के थे। श्री तिवारी लम्बे समय से बीमार चल रहे थे और वह यहां के निजी अस्पताल में भर्ती थे। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को हल्द्वानी में राजकीय सम्मान के साथ किया जायेगा। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए शुक्रवार को लखनऊ ले जाया जायेगा। उनके सम्मान में उत्तराखंड में आज से तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है और आज से ही राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया।

उत्तराखंड में 17 अक्टूबर 1925 को नैनीताल जिले के बलोती गांव में जन्मे श्री तिवारी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश के राज्यपाल भी रहे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। उनके परिवार में उनकी पत्नी उज्ज्वला तिवारी और पुत्र रोहित शेखर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने श्री तिवारी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया है। भारत छोड़ो आंदोलन में जेल जाने वाले श्री तिवारी ने आजादी के बाद प्रजा सोशलिस्ट पार्टी से अपना राजनीति कैरियर शुरू किया था। वह बाद में कांग्रेस के प्रमुख नेता बने और देश के पहले एेसे राजनीतिज्ञ हुए जिन्हें दो राज्यों के मुख्यमंत्री होने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर तिवारी कांग्रेस की भी स्थापना की थी।

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