बिजयनगर में दो दिन मची रही धूम

बिजयनगर में पहली बार दशहरा मेला महोत्सव का शानदार आयोजन हुआ। अनुमान से अधिक दर्शकों की भीड़ देख आयोजक नगर पालिका प्रशासन की बांछें खिल गई। शहरवासियों ने भी मेले का आनंद लिया। राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने कविता के हर रस का आनंद लिया। सफल आयोजन के लिए नगर पालिका प्रशासन बधाई के हकदार हैं….
बिजयनगर। कस्बे में पहली बार आयोजित दो दिवसीय दशहरा मेला महोत्सव ने खासी धूम मचा दी। महोत्सव के आयोजक पालिका उम्मीद से ज्यादा आई भीड़ ने एक बार तो उनको भी हैरत में डाल दिया। मेले के पहले दिन राजकीय नारायण उच्च माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान पर आयोजित विराट कवि सम्मेलन में शिरकत करने आए टीवी सीरियल तारक मेहता का उल्टा चश्मा फैम शैलेष लोढ़ा को देखने के लिए तो ऐसा हुजूम उमड़ा कि मैदान छोटा पड़ गया। इस भीड़ में कस्बे और आस-पास के हजारों बच्चे अपने अभिभावकों को साथ लेकर आए थे।

ऐसे अभिभावकों का कहना था कि शैलेष लोढ़ा उर्फ तारक मेहता का सम्मोहन बच्चों पर इस कदर छाया है कि उन्हें अपने बच्चों ने कवि सम्मेलन की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया। आयोजन की विशेषता यह रही कि शैलेष लोढ़ा कवि सम्मेलन में रात 12 बजे बाद पहुंचे। इसके बावजूद मौके पर मौके पर भीड़ टस से मस नहीं हुई। महोत्सव के दूसरे दिन रावण दहन कार्यक्रम में भी पूरा शहर उमड़ पड़ा। वहीं बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी खेल मैदान पर पहुंचे। इनमें महिलाओं व बच्चों की तादाद अधिक थी। मेला महोत्सव में लगातार दो दिन की धूम और लोगों के हुजूम को देख पालिका प्रशासन भी सकते में आ गया। इसके बावजूद पालिका प्रशासन महोत्सव की माकूल व्यवस्था करने में कामयाब रहा।

कस्बेवासियों ने भी खुले दिल से पालिका प्रशासन की इस पहल कोटि-कोटि सराहना की। कवि सम्मेलन व रावण दहन सहित दोनों कार्यक्रमों के सफल आयोजन पर मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कवि सम्मेलन में आए तारक मेहता सीरियल फैम शैलेष लोढ़ा और रावण दहन कार्यक्रम के दौरान रंग बिरंगी भव्य नयनाभिराम आतिशबाजी ने बच्चे ही नहीं बड़े-बुजुर्गों को भी खूब आकर्षित किया। कस्बे में पहली बार पालिका की ओर से बड़े स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर खारीतट संदेश ने लोगों की राय जानी तो सभी ने सराहते हुए साल दर साल ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की पैरवी की। प्रस्तुत है ‘खारीतट संदेश’ की यह रिपोर्ट…
जनसहभागिता जरूरी
पालिका प्रशासन द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव सराहनीय है। पूर्व में 20 वर्ष पूर्व शहर गणमान्य नागरिकों के सहयोग से स्थानीय मिल चौक में दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया था। उसके बाद अब नगरपालिका द्वारा आयोजित किया गया है। इस आयोजन में ज्याद कुछ कमी तो नहीं है बस यदि इस आयोजन को लेकर शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग ले लिया जाता तो महोत्सव में और भी चार चांद लग जाते। मेरा मत है कि भविष्य में ऐसे आयोजन में जनसहभागिता पर विचार किया जाये और जहां तक हो सके आतिशबाजी कम की जाए।

देवकीनन्दन शर्मा, गुर्जर मोहल्ला, बिजयनगर

बेसब्री से इंतजार कर रही थी जनता…
नगरपालिका द्वारा प्रथम बार आयोजित करवाए गए इस दशहरा महोत्सव के लिए पालिका प्रशासन को बधाई देना चाहूंगा। महोत्सव के तहत दशहरे की पूर्व संध्या पर आयोजित विराट कवि सम्मेलन वाकई काबिले तारीफ था। दशहरे पर रावण, कुम्भकर्ण व मेघनाथ के पुतले दहन पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में जिस प्रकार जनसमूह उमड़ा उससे ऐसा प्रतीत होता है कि ऐसे आयोजन के लिए शहर की जनता बेसब्री से इंतजार कर रही हो। वाकई दोनों दिन पालिका प्रशासन ने जिस प्रकार जिम्मेदारी के साथ आयोजन को सफलतम बनाया उसके लिए पुन: धन्यवाद।

नन्दलाल माली, व्यवसायी, बिजयनगर

नगर पालिका प्रशासन को बधाई
मैंने हालांकि दशहरा महोत्सव देखा नहीं लेकिन जिस प्रकार का आयोजन हुआ है उसकी बाजार में बहुत अच्छी चर्चा है। पालिका प्रशासन ने जिस प्रकार से इस आयोजन की तैयारी की और आयोजन को सफल बनाया इसके लिए पालिका प्रशासन को बधाई देता हूं। पहली बार ऐसा देखा गया कि इस आयोजन को लेकर आमजन में खासा उत्साह था। दशहरे पर्व को लेकर मेरा निजी मत है कि हमें अपनी अंदर की बुराई को जीतकर अच्छाई कायम करनी चाहिए तभी सही मायने में इस पर्व की सार्थकता होगी।

प्रकाशचन्द बडौला, अध्यक्ष क्लॉथ मर्चेन्ट एसोसिएशन, बिजयनगर

अपने आप में अनूठा प्रयास
नगर पालिका द्वारा आयोजित प्रथम बार दशहरा महोत्सव पहले दिन से ही सफलतम रहा। यह आयोजन अपने आप में एक अनूठा प्रयास है। इस दो दिवसीय आयोजन में अपार जनसमूह ने अपनी सहभागिता की। रावण दहन के दिन शायद अनुमान से भी ज्यादा जनसमूह उमड़ पड़ा। इसी उत्साह से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि आमजन में पहली बार हुए इस आयोजन को लेकर कितना उत्साह था। कार्यक्रम पूर्णत: सफलतम रहा इसके लिए पालिका प्रशासन बधाई का पात्र है। उम्मीद है ऐसे कार्यक्रम अब होते रहेंगे।

रोहित सरगरा, छात्र बीसीए, बिजयनगर

पालिका प्रशासन की सराहनीय पहल
नगर पालिका प्रशासन द्वारा आयोजित दशहरा महोत्सव बहुत ही सराहनीय पहल है। जिस प्रकार से दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, इससे ऐसा लगता है कि बिजयनगर क्षेत्र के लोगों में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह था। आयोजन को लेकर की गई व्यवस्थाओं के लिए पालिका प्रशासन को धन्यवाद देना चाहूंगा।

पारसमल पोखरना, व्यवसायी, बिजयनगर

पालिका ने बखूबी निभाई जिम्मेदारी
बिजयनगर में दशहरा महोत्सव सराहनीय पहल है। मैं परिवार सहित रावण दहन कार्यक्रम देखने गई। अपार जनसमूह मौजूद था। प्रशासन द्वारा सराहनीय व जिम्मेदारी के साथ सम्पूर्ण व्यवस्थाएं की गई। इस आयोजन के लिए पालिका प्रशासन को धन्यवाद देती हूं, आशा है भविष्य में भी पालिका प्रशासन इस तरह के आयोजन कराता रहे।

संगीता बाल्दी, महिला प्रमुख, भाविप, बिजयनगर

आमजनों में हर्ष का माहौल
बिजयनगर में पहली बार हुए दशहरे के आयोजन से आमजन में हर्ष का माहौल है। भीड़ भी अनुमान से अधिक जुटी। दशहरा महोत्सव में पालिका प्रशासन द्वारा माकूल व्यवस्थाएं की गई थी। दो दिवसीय आयोजन पूर्णत: सफल रहा। इसके लिए पालिका प्रशासन बधाई के पात्र हैं। साथ ही पालिका प्रशासन को ऐसे आयोजन अब नियमित रूप से करते रहना चाहिए।

सरिता तायल, बिजयनगर

ऐसे आयोजन होते रहें…
दशहरा महोत्सव में सारी व्यवस्थाएं माकूल थी। पर्याप्त स्टॉलें थीं, आतिशबाजी भी बहुत अच्छी लगी। कमी सिर्फ इतनी थी कि इस मेले में झूले नहीं थे। मैंने बिजयनगर में ऐसा आयोजन पहली बार देखा जहां हजारों में इतनी पब्लिक जुटी थी। मैं पालिका प्रशासन से यही उम्मीद रखता हूं कि ऐसे आयोजन निरन्तर करते रहे।

राघव त्रिपाठी, बीसीए छात्र, बिजयनगर

Leave a Reply

Your email address will not be published.

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar