मप्र: टिकट वितरण से असंतोष, कांग्रेस में एक तो भाजपा में कई सीटों पर बगावत

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा और कांग्रेस नेताओं में टिकट वितरण के बाद असंतोफ का गुबार फूट पड़ा है। दोनों ही राजनीतिक दलों में बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं। भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से आरिफ मसूद को कांग्रेस का टिकट दिए जाने के खिलाफ मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) के सामने खूब हंगामा कटा। इस सीट से सैयद साजिद अली और नासिर इस्लाम भी टिकट की मांग कर रहे थे। कांग्रेस की तीसरी सूची जारी होने के बाद मंगलवार को सजिद अली और नासिर इस्लाम के समर्थकों ने पीसीसी पहुंच कर जमकर प्रदर्शन किया।

भोपाल मध्य विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस में घमासान छिड़ा हुआ था। इस सीट पर कई नेता दावेदारी पेश कर रहे थे। आखिरकार टिकट आरिफ मसूद को मिली। भले ही वे इस सीट से पिछला चुनाव हार गए थे। हालांकि इस सीट पर आरिफ से पहले साल 2008 के विधानसभा चुनाव में नासिर इस्लाम को भी हार का का सामना करना पड़ा था। बता दें कि दोनों ही नेता पांच हजार से कम मतों के अंतर से हारे थे।

पूर्व विधायक बैरसिया में हुए बागी: बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का टिकट मौजूदा विधायक विष्णु खत्री को दिए जाने से नाराज पूर्व विधायक और भाजपा नेता ब्रह्मानंद रत्नाकर ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया है। रत्नाकर के अनुसार मौजूदा समय में भाजपा के सर्वे और लोगों के फीडबैक के आधार पर विष्णु खत्री को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए था। इलाके में उनका काफी विरोध था और लोग स्थानीय प्रत्याशी की मांग कर रही थी। इसके बावजूद पार्टी ने खत्री को उम्मीदवार बनाया।

पूर्व विधायक मेवरा हुए बागी: श्योपुर जिले के दिग्गज नेता और भाजपा के पूर्व विधायक बाबूलाल मेवरा ने पार्टी छोड़ दी है। खबरों के मुताबिक मेवरा बसपा के टिकट पर विजयपुर से चुनाव लड़ सकते हैं। मेवरा श्योपुर जिले से विधायक रह चुके हैं और पार्टी एक बार उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा भी दे चुकी है। पिछली बार इस सीट से एकता परिषद के सीताराम आदिवासी को उम्मीदवार बनाया गया और वे चुनाव हार गए। मेवरा को इस बार उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें जरूर टिकट देगी।

भोजपुर में दो नेताओं की बगावत: भोजपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने सुरेंद्र पटवा को उम्मीदवार बनाया जिससे कई भाजपा नेता बागी हो गए। दो वरिष्ठ नेताओं भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जोधा सिंह अटवाल और मंडीदीप के पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष विपिन भार्गव ने इस सीट से अपना नामांकन भरा है। दोनों ही नेताओं का कहना है कि उन्होंने भाजपा के नाम पर पर्चा दाखिल किया है इसलिए पार्टी एक बार फिर उनके नाम पर विचार करे।

धीरज पटैरिया ने भाजपा छोड़ी: जबलपुर विधानसभा सीट से टिकट नहीं मिलने से नाराज भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष धीरज पटैरिया ने भाजपा छोड़ दिया है। पटैरिया जबलपुर उत्तर से राज्यमंत्री शरद जैन वाली सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। पटैरिया मूल रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं। खबरों के मुताबिक वे कोलार क्षेत्र में अपने समर्थकों के साथ एक होटल में थे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे फोन पर संपर्क किया है।

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