सिंगापुर: हम उस युग में है, जहां तकनीक के जरिए आ रहा है बदलाव: मोदी

सिंगापुर। सिंगापुर के फिनटेक फेस्टिवल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑनलाइन ग्लोबल फिनटेक मार्केटप्लेस एपीआइएक्स का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने सिंगापुर में फिनटेक फेस्टिवल को संबोधित करते हुए कहा कि फिनटेक फेस्टिवल आस्था का त्यौहार है। उन्होंने कहा कि वे गर्व महसूस कर रहे हैं कि फिनटेक फेस्टिवल को संबोधित करने वाले वे पहले ऐसे शख्स हैं, जो किसी देश की सरकार के मुखिया हैं। उन्होंने कहा कि ये भारत के युवाओं का सम्मान है।

भाषण की बड़ी बातें:-
(1) फिनटेक फेस्टिवल विश्वास का उत्सव है। यह इन्नोवेसन में विश्वास, कल्पना शक्ति का, युवाओं की ऊर्जा में विश्वास का और दुनिया को बेहतर बनाने के विश्वास का उत्सव है।
(2) हम उस युग में जहां तकनीक के माध्यम से ऐतिहासिक बदलाव लाया जा रहा है। डेस्कटॉप से लेकर क्लाउड तक, आईटी सेवाओं से लेकर इंटरनेट तक हम काफी कम समय में काफी आगे आ चुके हैं। कारोबारों में हर दिन उथल-पुथल मची हुई है।
(3) वैश्विक अर्थव्यवस्था का चरित्र बदल रहा है। तकनीक से इस नई दुनिया में प्रतियोगिता और पॉवर की परिभाषा में बदलाव आ रहा है और इससे लोगों के जीवन में बदलाव के कई अवसर पैदा हो रहे हैं।
(4) 2014 में मेरी सरकार प्रत्येक नागरिक के सम्मिलित विकास के मिशन से आई थी, जिससे हम दूर-दराज के इलाके में रहने वाले नागरिक के भी जीवन में बदलाव ला सकें।
(5) 1.3 अरब लोगों के लिए वित्तीय सम्मिलित एक सच्चाई बन चुका है। हमने आधार के जरिए 1.2 अरब बायोमेट्रिक परिचय तैयार किए। आधार और जन-धन के जरिए हमने 330 लाख नए बैंक अकाउंट खोले। 2014 में 50 प्रतिशत से भी कम भारतीयों के पास बैंक अकाउंट थे, आज स्थिति काफी अलग है।
(6) पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में मेरी सरकार सबके विकास के मिशन के साथ सत्ता में आई, जिससे हर नागरिक, यहां तक की सुदूर गांव के सबसे कमजोर तबके की जिंदगी में बदलाव हो।
(7) भारत अलग-अलग परिस्थितियों वाला और अलग चुनौतियों वाला देश है। हमारे सुझाव और हल भी अलग होने चाहिए।  (8) डिजिटलाइजेशन एक सफलता है, क्योंकि हमारे पेमेंट प्रॉडक्ट्स हर किसी की जरूरत का ध्यान रखते हैं।
(9) मोबाइल और इंटरनेट जिनके पास है, उनके लिए भीम-यूपीआई एक सिंपल और साधारण सा जरिया है, जिसके माध्य्म से बैंक अकाउंट और वर्चुअल पेमेंट एड्रेस के बीच पैसे भेजे जा सकते हैं। जिनके पास मोबाइल है, लेकिन इंटरनेट नहीं है, उनके पास 12 भाषाओं में काम करने वाला यू एस एस डी सिस्टम है।
(10) रुपये के जरिए पेमेंट कार्ड की पहुंच सभी तक हो रही है। इनमें से 250 लाख लोग ऐसे हैं जिनके पास 2014 से पहले बैंक अकाउंट भी नहीं था। कार्ड से लेकर क्यू आर कोड तक डिजिटल ट्रांजैक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है।
(11) भारत में फिनटेक इन्नोवेशन और एंटरप्राइज ने काफी धूम मचाई है। इससे भारत विश्व का सबसे अग्रसर स्टार्टअप देशों में से एक था।  (12) फिनटेक और इंडस्ट्री 4.0 का भविष्य भारत में काफी बेहतर है।

पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी फिनटेक कंपनियों और स्टार्टअप्स से कहना चाहता हूं कि भारत आपके लिए बेहतरीन जगह है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार रात को ही दो दिन के दौरे के लिए सिंगापुर पहुंचे हैं। इस मौके पर भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी पूर्वी एशिया सम्मेलन, आसियान-भारत अनौपचारिक बैठक, क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक साझेदारी बैठक में भाग लेंगे और अमेरिका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे।

पीएम मोदी के होटल पहुंचने पर वहां भारतीय समुदाय के लोग उनका स्वागत करने के लिए पहले से मौजूद थे। पीएम के आते ही होटेल के बाहर मोदी-मोदी, वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारे लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके पर बिना बैंक खाते के विश्व के दो अरब लोगों के लिए एक बैकिंग समाधान की शुरुआत भी करेंगे। ये इस तरह का दुनिया का सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिंगापुर में फिनटेक कंपनियों के सबसे बड़े कार्यक्रम में 30 हजार से ज़्यादा प्रतिनिधियों को संबोधित करेंगे।

धानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को यहां शुरू हुए पहले ‘इंडिया-सिंगापुर हैकाथॉन-2018’ के विजेताओं को गुरुवार को पुरस्कृत करेंगे। हैकाथॉन 40 टीमों की एक प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के छात्रों की नवप्रवर्तन क्षमताओं का प्रदर्शन करना है। पुरस्कार समारोह के दौरान सिंगापुर के शिक्षा मंत्री ओंग ये कुंग भी मौजूद रहेंगे। बता दें कि प्रधानमंत्री पूर्वी एशिया से जुड़े क्षेत्रीय शिखर सम्मेलनों के लिए 14-15 नवंबर को सिंगापुर के दौरे पर रहेंगे। यहां पर उनका आसियान नेताओं के साथ बैठक का भी कार्यक्रम है।

31 मई से दो जून के सिंगापुर के अपने आधिकारिक दौरे में मोदी ने अपने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के सामने भारत और सिंगापुर के एक संयुक्त हैकाथॉन के आयोजन का प्रस्ताव रखा था जिस पर लूंग ने तुरंत सहमति जता दी थी। सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग ने सिंगापुर के शिक्षा एवं विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर इस कार्यक्रम को संभव बनाया। दोनों देशों से 20-20 टीमों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। इन टीमों में यूनिवर्सिटी एवं कॉलेज के छात्र शामिल हैं।

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