पुष्कर मेला शुरू, जानिए क्या है इस मेले में खास

अजमेर। जिला मुख्यालय से 11 किमी दूर पुष्कर में नवंबर माह की कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर पुष्कर मेले का आयोजन किया जाता है। इस साल यह मेला 15 नवंबर से 23 नवंबर तक चलेगा। इसे पुष्कर मेला या पुष्कर कैमल फेयर (ऊंट मेला) के नाम से भी जाना जाता है। मेले में रंगारंग कार्यक्रम, प्रदर्शनी और कई तरह की प्रतियोगिताएं भी होती हैं, जिसे देखने, एन्जॉय करने और इसमें भाग लेने के लिए देश-विदेश से टूरिस्ट्स आते हैं।

मेले का इतिहास: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदुओं के सभी देवी-देवता पूर्णिमा वाले दिन पुष्कर झील में एकत्र होते हैं। इसलिए इस जगह को बहुत पवित्र माना जाता है और यही वजह है कि इस मौके पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और इस पवित्र तालाब में स्नान करके ब्रम्हा मंदिर में दर्शन करते हैं। ब्रम्हा जी का एकमात्र मंदिर पुष्कर में ही है। ऐसा माना जाता है कि तालाब में नहाने से कई प्रकार के रोग, विकार भी दूर होते हैं। यहां तक कि महाभारत में भी पुष्कर का जिक्र मिलता है।
मेले का आकर्षण: मेले का खास आकर्षण होते हैं ऊंट और अलग-अलग नस्ल वाले पशु। मेले में इतने तरह के जानवर देखने को मिलेंगे जिन्हें देखना अलग ही तरह का अनुभव होता है। इनके अलावा सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने और प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अपना अलग ही मजा होता है।
हॉट एयर बैलूनिंग: मेले में आकर आप इस एडवेंचर का भी मजा ले सकते हैं। रंग-बिरंगे बैलून में उड़ते हुए पुष्कर का नज़ारा देखना कितना मज़ेदार होता होगा इसका अनुभव तो वहां जाकर ही लिया जा सकता है। इसके अलावा पैरामोटर्स, क्वेड बाइकिंग, होर्स राइडिंग जैसे और भी एडवेंचर यहां ट्राय कर सकते हैं।
खूबसूरत हैंडीक्राफ्ट्स: मेले में आपको बहुत ही खूबसूरत हैंडीक्राफ्टेड चीज़ें भी देखने को मिलेगी जो आपको शॉपिंग करने के लिए मजबूर कर देंगी। ट्रेडिशनल सिल्वर जूलरी, बीडेड नेकलेस, पैचवर्क और प्रिंटेड आउटफिट्स के अलावा ट्रेडिशनल फुटवेयर्स की ढ़ेरों वैराइटी यहां देखने को मिलती है।
हाफ मैराथन: हाफ मैराथन, एक ऐसी चीज़ है जिसे पुष्कर मेले में शामिल होकर बिल्कुल भी मिस न करें। जो दरगाह अजमेर शरीफ से शुरू होती है और पुष्कर स्टेडियम ग्राउंड पर खत्म होती है।

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