वैश्विक स्तर पर कृषि क्षेत्र को पहचान बनाये रखनी होगी-बजरबरूआ

उदयपुर। (वार्ता) भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संगठन (आईऐयू) के अध्यक्ष के एम बजरबरूआ ने कृषि में विदेशी निवेशकों को रोकने के लिए देश के कृषि क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाये रखने की जरुरत हैं।
असम कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बजरबरूआ आज यहां 42वें कृषि विश्वविद्यालय कुलपति दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस पहचान को कायम रखनी होगी नहीं तो कृषि में विदेशी निवेशक अपने पैर पसारने के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि देश के कृषि विकास के लिए कृषि शिक्षा को समृद्ध बनाने की आवश्यकता है। उन्होनें कृषि विश्वविद्यालयों में फण्ड एवं संकाय की कमी, शिक्षा में समय के साथ आवश्यक बदलावों और कृषि में कौशल विकास करने की बात कही।
कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उपमहानिदेशक डॉ. एन एस राठौड़ ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् एवं केन्द्र द्वारा कृषि शिक्षा के विकास में उनकी भूमिका एवं राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के उत्तरदायित्व पर प्रकाश डाला। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति उमाशंकर शर्मा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। साथ ही भारतीय कृषि के समक्ष अनेक चुनौतियां भी हैं। ऐसी अवस्था में कृषि विश्वविद्यालय भी चुनौतियों से अछूते नहीं हैं।
आयोजन सचिव एवं अनुसंधान निदेशक डॉ. अभय कुमार मेहता ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों, डिम्ड युर्निवसीटी एवं राष्ट्रीय कृषि संस्थानों के 45 कुलपति एवं संस्थान अध्यक्ष भाग ले रहें हैं।

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