शिक्षा में स्वायत्तता के लिए बने राष्ट्रीय स्तर पर नियामक आयोग-देवनानी

जयपुर। (वार्ता) राजस्थान के शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वायत्तता के लिए शिक्षा में नियामक आयोग बनना चाहिए।
श्री देवनानी आज यहां शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा “ शिक्षा की स्वायत्तता-चुनौतियां एवं संभावनाएं’’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में बाेल रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में स्वायत्तता जरूरी है पर वह स्वच्छन्दता के रूप में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध मेें व्यापक स्तर पर विचार करने की जरूरत बताते हुए कहा कि शिक्षा में स्वायत्तता अगर हो तो वह किस रूप में हो। उन्होंने स्वायत्तता के साथ कर्तव्य और दायित्व बोध पर भी चिंतन किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वायत्तता से शिक्षा के शुद्धीकरण की ओर बढ़ने पर ही उसकी सार्थकता है।
उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में राजस्थान में किए प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के व्यापक हित को दृष्टिगत रखते हुए बहुत सारे निर्णय शिक्षा स्वायत्तता के तहत लिए गए और उनके अच्छे परिणाम आ रहे हैं। उन्होंने शिक्षण संस्थाओं में स्वायत्तता की हिमायत की परन्तु साथ ही मर्यादा का निर्वहन भी सभी स्तरों किए जाने पर जोर दिया।

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