अाखिर किन वजहाें से झूठ बाेलने काे मजबूर हाे जाते हैं बच्चे

बचपन की उम्र बहुत ही सेंसेटिव होती है। इस उम्र में बच्‍चें अक्‍सर झूठ बोलना शुरु करते हैं, जाे धीरे धीरे आदत बन जाती है। क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चे आखिर ऐसा क्यों करते हैं? अाज हम अापकाे उन कारणाें के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से बच्चे झूठ बोलने के लिए मजबूर हो जाते हैं।
जानिए क्या हैं वाे कारणः-
1) रोक-टोक 
कई पेरेंट्स अपने बच्चों पर जरूरत से ज्यादा रोक-टोक लगाते हैं। उन्हें लगता है कि एेसा न करने से उनका बच्चा हाथ से निकल जाएंगा और गलत संगत में पड़ जाएगा। पेरेंट्स की इसी अादत की वजह से बच्चे उनसे झूठ बोलने काे मजबूर हाे जाते हैं। इसलिए पैरेंट्स को चाहिए कि वह बच्‍चों को रोकने-टोकने की बजाय अपनी प‍रवरिश पर ध्‍यान देना चाहिए।
2) शक करना
आजकल बच्‍चों काे भी प्राइवेसी की जरूरत हाेती है। कई पेरेंट्स इस बात को समझने के बजाय अपने बच्चों की छोटी-छोटी बातों पर शक करते हैं। उनकी सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखते है, जिस वजह से बच्‍चें उनसे झूठ बोलते है।
3) लड़ाई- झगड़े
पेरेंट्स के झगड़े का असर अकसर बच्चे पर पड़ता है। उसके मन में एक अलग तरह का डर बैठ जाता है। बच्चा सोचता है कि अगर उसने सच बोला या बीच में कुछ बोला तो उसकी पिटाई हो जाएगी। ऐसे में झूठ बोलना ही पसंद करता है।
4) यकीन न करना
कई पेरेंट्स ऐसे भी होते हैं जो अपने बच्चों की बजाय बाहर वालों की बातों पर विश्वास करते हैं, जबकि यह बिल्कुल गलत है। अापकाे अपने बच्चे पर भराेसा करना चाहिए और अगर वह झूठ भी बोल रहा है, ताे आप उसके सामने ऐसे व्यक्त करो कि आप उसकी बात से सहमत है। जब आप 1-2 बार ऐसा करेंगे तो आपके बच्चे को खुद ही अहसास होगा कि वो गलत कर रहा है और उसे आपसे सच ही बोलना चाहिए।
5) स्टडी प्रैशर
आज के समय में पैरेंट्स अपने बच्‍चों की पढ़ाई को लेकर काफी कॉन्शियस रहते है और उन पर अच्छे नंबर लाने का दबाव भी डालते है। एेसे में पैरेंट्स के मनमुताबिक नंबर ना अाने पर बच्चे डर जाते हैं और उनसे झूठ बाेलने लगते हैं। एेसे में पैरेंट्स काे चाहिए कि वह अपने बच्चे काे समझें और पढ़ाई के अलावा उनकी दूसरी क्रिएटिविटी पर भी ध्‍यान दें।

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