पहली बार जैतून की प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन राजस्थान से

जयपुर। विश्व में पहली बार जैतून की प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन राजस्थान से होने लगा हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार राजस्थान देश में जैतून की खेती करने वाला एवं जैतून की प्रसंस्कृत चाय बनाने वाला विश्व का पहला राज्य बन गया है। सरकार ने जैतून उत्पादक किसानोंं की आय को दोगुना करने के लिए इसकी पत्तियों के विपणन और प्रसंस्करण के लिए शोध शुरू किया। कई महीनों तक चले इस शोध में सामने आया कि जैतून की पत्तियों से चाय बनाई जा सकती है।

कृषि विभाग ने ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2016 में इस क्षेत्र में काम करने के लिए इच्छुक निजी कंपनियों को आमंत्रित किया। जैतूून की चाय बनाने के लिए ओलिटिया फूड्स कंपनी ने सरकार के साथ समझौता किया था। कंपनी ने जयपुर जिले के बस्सी में जैतून पत्तियों की चाय का संयंत्र स्थापित कर दिया जहां जैतून की चाय बनने लगी हैं और इससे राजस्थान विश्व की पहली प्रसंस्कृत चाय का उत्पादन करने वाला राज्य बन गया।

सू्त्रों ने बताया कि राज्य सरकार का यह प्रयोग सफल रहा और आज यूरोप के कई देश राजस्थान से जैतून की चाय लेने के लिए अनुबंध कर रहे हैं। जैतून की चाय से राज्य के किसानोंं को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान भी मिलने लगी है।
जैतून राज्य की परम्परागत फसल नहीं होने के बावजूद इसका उत्पादन और प्रसंस्करण राजस्थान में सफलतापूर्वक होने लगा है।

उल्लेखनीय है कि जैतून की खेती की शुरूआत 20 मार्च 2008 को बस्सी के ढिंढोल फार्म पर जैतून का पहला पौधा रोपण कर की थी। राज्य के सात कृषि जलवायु खंडों में इसका प्रायोगिक रोपण किया गया। यह प्रयोग सफल हुआ और राज्य में जैतून लहलहाने लगा। प्रदेश में जैतून अरबेक्विना, बरनियर, फ्रंटोयो, कोर्टिना, कोलोनाइकी, पासोलिन, पिकुअल किस्मों का पौधारोपण किया गया है।
राज्य में बीकानेर जिले के लूणकरणसर में वर्ष 2014 में पांच टन प्रति घंटा क्षमता वाली देश की पहली जैतून रिफायनरी भी स्थापित गई। राज्य सरकार ने किसानोंं को उनकी उपज का उचित भाव देने के उदेश्य से जैतून का तेल बेचने के लिए राजओलिव ब्रांड स्थापित किया तथा इस वर्ष बॉटलिंग प्लांट भी स्थापित कर दिया गया। किसानोंं से जैतून के फल अन्तरराष्ट्रीय भावों पर क्रय करने की नीति भी राज्य सरकार द्वारा जारी की गयी है, इसके बाद अब किसानों द्वारा उत्पादित जैतून फलाें का क्रय अन्तरराष्ट्रीय भाव के अनुसार किया जायेगा।

कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने जैतून की चाय को स्वास्थ्य के लिए वरदान बताते हुए कहा कि राज्य में इसका उत्पादन शुरु होने का जो सपना देखा था, अब वह साकार हो गया है।

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