9600 लिपिकों की भर्ती जल्दी करेगी सरकार-राठौड़

  • Devendra
  • 22/11/2017
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जयपुर। राजस्थान सरकार ग्राम पंचायतों में खाली पद भरने के लिए जल्द ही 9600 लिपिकों की भर्ती करेगी। इसके अलावा हर पंचायत समिति में विकास अधिकारी भी शीघ्र तैनात किए जाएंगे।
पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ सरकार के चार साल पूरे हाेने के अवसर पर अपने विभागों के तहत कराये गये विकास कार्यों एवं उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले एक साल में ऐसी कोई पंचायत समिति नहीं होगी जिसके पास अपना भवन नहीं होगा।

श्री राठौड़ ने बताया कि सरकार के चार साल पूरे होने पर 7 से 13 दिसम्बर तक हर जिले में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनी और रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे।

अपने विभागों की उपलब्धियां बताते हुए श्री राठौड़ ने कहा कि पिछले चार साल में राज्य सरकार ने अपनी उपलब्धियों के आधार पर श्रेष्ठता दर्ज कराई है। इस दौरान ग्रामीण इलाकों में आधारभूत संरचनाओं की मजबूती पर 48800 करोड़ रुपये खर्च किए गए जबकि पिछली कांग्रेस सरकार ने पांच साल में 30659 रुपये ही खर्च किए थे। राजस्थान में पद्मावती फिल्म के विरोध में बने माहौल के सम्बन्ध में श्री राठौड़ ने कहा कि हर समाज को अपनी बात कहने का अधिकार है। मुख्यमंत्री का इस सम्बन्ध में पहले से ही स्पष्ट दृष्टिकोण रहा कि इतिहास के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। इसी के तहत फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है।

राजस्थान में लोकसेवक संरक्षण अधिनियम के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में श्री राठौड़ ने कहा कि सरकार का लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोई मंशा नहीं है न ही मीडिया पर अंकुश लगाने का इरादा है। मामला चूंकि अब प्रवर समिति को सौंप दिया गया है, इसलिए समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस पर विचार किया जाएगा।

विभाग की उल्लेखनीय उपलब्धियों के बारे में बताते हुए श्री राठौड़ ने कहा कि वर्ष 2016-17 में 27 लाख 94 शौचालयों का निर्माण कर प्रदेश पूरे देश में पहले स्थान पर रहा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना में उत्कृष्ट कार्य के लिए पांच राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिले हैं।
श्री राठौड़ ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने का असर यह रहा कि जिला परिषदों में 70 प्रतिशत स्नातक एवं इससे अधिक शिक्षित सदस्य चुनकर आए वहीं पंचायत समितियों में 54 प्रतिशत शिक्षित लोगों को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला।

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