शौचालय के आवेदन पर धूल की परतें

शहर के 25 में से 2 वार्ड खुले में शौचमुक्त नहीं
बिजयनगर (खारीतट सन्देश) नगर पालिका के कुल 25 वार्ड में से 23 वार्ड खुले में शौच मुक्त है। लेकिन दो वार्ड के लोग आज भी खुले में शौच जाने के लिए मजबूर हैं। खास कर वार्ड 19 के निवासियों के आवेदन पर धूल की परतें चढ़ चुकी हैं। जिसे पहली किश्त मिली वह दूसरी किश्त के इंतजार में दोहरा हुए जा रहा है। जिसे पहली किश्त मिली उसके शौचालय भी अधूरे पड़े हैं। कोई पहली तो कोई दूसरी किश्त के लिए पालिका का चक्कर लगा रहा है…

रेलवे लाइन पार कर जाते हैं शौच
शौचालय के लिए फार्म भरे हुए 7 माह हो गए। फार्म भरने के बाद नगर पालिका के अधिकारी आए और सर्वे करके चले गए। सर्वे किए 5 माह हो गए लेकिन अभी तक एक भी रुपया नही मिला। ऐसी स्थिति में शौचालय कैसे बनवाऊं। मेरे घर के सभी सदस्यों को रेलवे लाइन पार कर शौच के लिए जाना पड़ता है। कभी-कभार रेलवे लाईन पार करते चढ़ते-उतरते गिर भी जाते हैं लेकिन हमारे दु:ख से किसी को क्या लेना? शौचालय की समस्या को लेकर पार्षद को बोला तो उन्होंने भी यही जवाब दिया मैं काम करवा दूंगा, लेकिन कब पता नहीं।

सोहनी धानका, वार्ड 19 धानका बस्ती

नहीं मिली दूसरी किश्त
शौचालय के लिए पहली किश्त 9 महीने पहले मिली। दूसरी किश्त का भुगतान नहीं होने से शौचालय का काम अधूरा है। हमें खुले में शौच जाना पड़ता है।

गीता धानका, वार्ड 19

बस सर्वे होकर रह गया
शौचालय के लिए 4-5 महीने पूर्व नगर पालिका में आवेदन किया। सर्वे भी हुआ लेकिन शौचालय निर्माण के लिए किसी भी प्रकार का कोई भी पैसा नहीं मिला। मैंने पार्षद को कई बार बोला हमेशा यही जवाब मिलता है मैं जल्दी काम करवा दूंगा।

श्यामा धानका, धानका बस्ती

वार्ड 19 में सुलभ शौचालय के आदेश
बोर्ड बैठक में वार्ड 19 में सुलभ शौचालय के आदेश किए हैं। जब ओडीएफ के लिए डोर-टू-डोर सर्वे हुआ उस समय सर्भी 25 वार्डों में सर्वे हुआ था तब 23 पार्षदों के लेटर हमेें प्राप्त हुए कि उनके वार्ड खुले में शौचमुक्त हैं। शहर के 2 वार्ड खुले में शौच मुक्त नहीं है। ओडीएफ सर्वे हर छह महीने में किया जाता है। वर्तमान में पूरे राजस्थान में बिजयनगर नगर पालिका सहित पांच नगर पालिकाएं खुले में शौच मुक्त है।

सचिन सांखला, पालिकाध्यक्ष, बिजयनगर

ज्यादातर लोगों को नहीं मिले एक रुपए
क्षेत्र के अधिकतर लोग रेलवे लाईन के पास खुले में शौच जाने को मजबूर हैं। क्योंकि सभी ने इस साल फरवरी में शौचालय के लिए आवेदन भर दिए लेकिन कुछ लोगों की पहली किश्त आई, अधिकतर लोगों के एक रुपए भी नहीं मिले हैं। इस वजह से किसी के भी शौचालय निर्माण नहीं हुआ अब कोई करे भी तो क्या करे?

सुशीला धानका, धानका बस्ती

शौचालय की निविदा निरस्त
मेरा वार्ड पूर्णत: शौचमुक्त नहीं है क्योंकि धानका बस्ती कच्ची बस्ती है। फरवरी 2017 में मैंने खुद सभी के आवेदन भरवाकर पालिका में जमा करवाए जिनकी प्रथम किश्त जारी हो गई, लेकिन दूसरी किश्त का कोई अता-पता नहीं। कई लोगों के आवेदन पालिका में लंबित पड़े हैं। वार्ड 19 में सार्वजनिक शौचालय के लिए निविदा 16 फरवरी को जारी हुई लेकिन बहुत समय बीत जाने पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत करने पर मेरे पास 12 सितंबर को जवाब आया कि शौचालय के तकनीकी समस्या बताकर निविदा को निरस्त कर दिया गया ऐसा पत्र में बताया गया। जब पालिका द्वारा अभियान चलाकर खुले में शौच जाने वालों की फोटो व जुर्माना लगाया जा रहा था तब मैंने कर्मचारियों को बोला पहले इन लोगों को सरकार द्वारा दी जाने वाली शौचालय निर्माण की सुविधा तो दिलवाओ, फिर जुर्माना करना।

भवानीशंकर राव, पार्षद वार्ड 19

शौचालय के लिए शीघ्र भुगतान के निर्देश
जयपुर। राजस्थान के मुख्य सचिव अशोक जैन ने जिला कलेक्टरों के तहत गांवों में बनाए जा रहे शौचालय लाभार्थियों को इसके निर्माण के बाद शीघ्र भुगतान करवाने के निर्देश दिए हैं। शासन सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला कलेक्टरों से खुले मेें शौच से मक्त के तहत शौचालय निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्होंने शौचालय निर्माण की गति तेज करने, ओडीएफ ग्राम पंचायतों का भौतिक सत्यापन करवाने तथा निर्माण पूरे हो चुके शौचालय का फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए।

बिजयनगर नगरपालिका ने शहर के चौराहों पर विश्व शौचालय दिवस पर बैनर-पोस्टर लगाकर लोगों को जागरूक किया। स्वच्छता के सजग प्रहरी का दावा करने वाली इसी पालिका क्षेत्र के दो वार्डों के निवासियों द्वारा शौचालय के लिए दिया गया आवेदन टेबल पर धूल फांक रहा है। फोटो: राकेश छीपा

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