फिर गूंजेगा जय जिनेन्द्र

  • Devendra
  • 28/03/2019
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होली का रंग उतरने के साथ ही बिजयनगर की फिजां में धार्मिक आयोजन को लेकर की जा रही तैयारियों का रंग बिखरने लगा है। राजदरबार स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर के प्रथम वर्षगांठ पर तीन दिवसीय आयोजन को लेकर बिजयनगर का वातावरण धर्ममय हो गया है…
बिजयनगर। बिजयनगर एक बार फिर धार्मिक आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। अवसर है राजदरबार सिटी स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर की प्रथम वर्षगांठ। तीन दिवसीय इस आयोजन को लेकर मंदिर ट्रस्ट की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। आयोजन को लेकर भव्य पांडाल बनाए गए हैं। हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां होने वाले धार्मिक आयोजनों में शिरकत करेंगे।

मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष योगेन्द्रराज सिंघवी ने बताया कि 28 मार्च से शुरू होने वाले तीन दिवसीय श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर के प्रथम वर्षगांठ ध्वजारोहण प्रसंगे कार्यक्रम में लगभग 2500 लोग शिरकत करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव महापूजन से होगी। वहीं गौतम प्रसादी में लगभग 2500 लोगों के शिरकत करने का अनुमान है। व्यवस्था को मूर्त रूप देने के लिए जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। भव्य व आकर्षक वरघोड़ा निकालने के लिए रोडमैप तैयार हो गया है।
गत एक वर्ष में हुए विभिन्न कार्य
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव गत वर्ष 12 मार्च को किया गया। इसके बाद से अब तक कई कार्य पूर्ण किए गए जिनमें मंदिर में भगवान की पुतलियों की फिन्शिंग का कार्य, निर्माण कार्य को और भी आकर्षक बनाना, पुजारी के लिए आवास व्यवस्था, कस्बे के बाहर से पधारने वाले अतिथियों के लिए आवास की व्यवस्था आदि। आने वाले अतिथियों को भोजन की व्यवस्था के लिए परेशानी न हो इसके लिए कुछ माह पूर्व मंदिर ट्रस्ट की ओर से भोजनशाला के लिए भूमि पूजन किया गया। जिसका निर्माण कार्य इस महोत्सव के सम्पन्न होने के बाद शुरू कर दिया जायेगा और एक वर्ष के भीतर ही निर्माण कार्य पूरा कर भोजनशाला को शुरू करवा दिया जायेगा।
इन्होंने दी आज्ञा
परम पूज्य खतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत जिनमणिप्रभ सुरिश्वरजी मसा की आज्ञा से यह धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहा है।
पावन प्रेरक
साध्वी डॉ. विद्युतप्रभा जी म.सा. व साध्वी डॉ. नीलांजनाजी म.सा की पावन प्रेरणा से ये सभी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
गौतम प्रसादी के ये होंगे लाभार्थी
पारसकंवर (धर्मपत्नी स्व. उत्तमराज सिंघवी), पुत्र-पुत्रवधु : विनयराज सिंघवी-पुष्पा सिंघवी, योगेन्द्रराज सिंघवी-शशि सिंघवी, पौत्र-पौत्री : हर्षुलराज सिंघवी, हर्षिता, श्रेयांस, खुशबू, मानवराज सिंघवी, पुत्री-दामाद : वृतिका-विकास चोरडिय़ा एवं कशिश चोरडिय़ा। (बिजयनगर-मुंबई)।
विधि कारक
बेंगलुरु के विधि कारक अश्विनी गुरुजी के सान्निध्य में सभी धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
भव्य भक्ति संध्या कल, वरघोड़ा 30 को
तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत 28 मार्च को श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव महापूजन होगा। 29 मार्च को सुबह 9 बजे से अठारह अभिषेक पूजन होगा। भक्ति संध्या शाम सात बजे से होगी। इसमें विनीत गेमावत, कौशल्या रमावता व पूजा रमावता अपनी प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम के तहत 30 मार्च को सुबह 8 बजे भव्य वरघोड़ा निकलेगा। वरघोड़ा सिंघवी भवन से प्रारंभ होकर सूर्य प्रेस गली होते हुए कस्बे के मुख्य मार्गो से होता हुआ मंदिर पहुंचेगा। मंदिर का ध्वजारोहण दोपहर 12.39 बजे शुभ मुहूर्त में होगा। वरघोड़े एवं ध्वजारोहण के समय मंदिर परिसर पर ड्रोन द्वारा पुष्प वर्षा की जायेगी।
भव्य पांडाल तैयार
28 व 29 मार्च को आयोजित होने वाले श्री नाकोड़ा पार्श्व भैरव महापूजन, अठारह अभिषेक महापूजन एवं भव्य भंक्ति संध्या कार्यक्रम के लिए भव्य पांडाल बनाया गया है। दोनों दिवस के कार्यक्रम इसी पांडाल में सम्पन्न होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चाक चौबंद
तीन दिवसीय इस आयोजन के तहत सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए उपखंड अधिकारी, थाना अधिकारी व पालिका प्रशासन को लिखित में सूचना दी गई है। वहीं इवेंट मैनेजमेंट टीम की ओर से 25 निजी सुरक्षाकर्मी परिसर में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जिम्मा सम्भालेंगे।
यहां से निकलेगा वरघोड़ा
30 मार्च को सुबह 8 बजे से सिंघवी भवन सूर्य प्रेस गली से वरघोड़ा निकाला जाएगा जो महावीर बाजार स्थित श्री संभवनाथ जैन मंदिर से होता हुआ बापू बाजार, शिव बाजार, बालाजी रोड, कृषि मंडी चौराहा व पीपली चौराहा होते हुए राजदरबार सिटी स्थित श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर परिसर पहुंचकर सम्पन्न होगा। वरघोड़ा आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहेगा।
महोत्सव के विशेष आकर्षण
वरघोड़ा मार्ग एवं मंदिर परिसर में आयोजित ध्वजा कार्यक्रम पर ड्रोन द्वारा पुष्प वर्षा की जाएगी।
मंदिर परिसर में भव्य व आकर्षक रंगोली सजाई जाएगी।
घोड़ी-बग्गी व गाजे-बाजे के साथ निकलेगा भव्य वरघोड़ा।
भटिंडा का प्रसिद्ध ढ़ोल वरघोड़ा का आकर्षण का केन्द्र होगा।
ख्याति प्राप्त शिलावा गांव का बैण्ड वरघोड़े की शोभा बढ़ाएगा।
मंदिर एक नजर में
श्री नाकोड़ा भैरव मंदिर के लिए स्थानीय श्री नाकोड़ा भैरव पूर्णिमा मंडल ट्रस्ट की ओर से 9 अक्टूबर 2011 को महापूजन कार्यक्रम का आयोजन किया। इसके बाद 11 मार्च 2011 को भूमि पूजन, 15 जनवरी 2017 को शिलान्यास समारोह, 26 नवम्बर 2017 को पूज्य गुरूवर्या बहिन डॉ. श्री विद्युतप्रभा जी म.सा. के सान्निध्य में जाजम मुहुर्त का आयोजन किया गया। इस समारोह में भामाशाहों ने मंदिर निर्माण के लिए मुक्त हाथों से चढ़ावे चढ़ाए। इस मंदिर में मूलनायक श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ परमात्मा की विशाल प्रतिमा समेत श्री दादा जिन कुशल सूरि जी, श्री नाकोड़ा भैरवदेव, लब्धि निधान गौतम स्वामी, माता अम्बिका देवी, माता पद्मावती देवी, जिन श्री कांतिसूरी जी गुरुदेव की प्रतिमाएं स्थापित की गई।
महोत्सव संचालन समितियों का गठन
तीन दिवसीय इस महोत्सव के सफल संचालन के लिए मंदिर ट्रस्ट ने विभिन्न समितियों का गठन किया है। जिसमें भोजन, आवास, वरघोड़ा, अठारह अभिषेक महापूजन, प्रचार-प्रसार, सुरक्षा आदि समिति गठित कर इनकी जिम्मेदारियां तय की गई है।
व्यवस्थाओं का पूरा जिम्मा इनका
28 से 30 मार्च को आयोजित होने वाले श्री नाकोड़ा पार्श्वनाथ भैरव मंदिर के प्रथम वर्षगांठ ध्वजारोहण प्रसंगे कार्यक्रम के सफल संचालन का सम्पूर्ण जिम्मा मंदिर ट्रस्ट मंडल का होगा।

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