मंदिर परिसर खाली कराने के लिए क्या किया-न्यायालय

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय ने देवस्थान विभाग के अधिकारियों से पूछा है कि जयपुर शहर के विरासतकालीन मन्दिरों की सम्पत्ति को किरायेदारों से खाली कराने के लिए अब तक क्या किया है।
न्यायालय ने जयपुर के गोवर्धननाथजी दर्शनार्थी मन्दिर की जनहित याचिका पर आज यह अंतरिम निर्देश दिया। न्यायालय ने कहा है कि सर्कुलर 1974 एवं 2000 के अनुसार मन्दिर के परिसर को किराये पर नहीं दिया जा सकता और यदि मन्दिर की सम्पत्ति को किराये पर दे रखा है तो यह अतिक्रमण ही है। इसलिए देवस्थान विभाग आगामी सुनवाई ग्यारह दिसम्बर को जवाब पेश कर बताए कि परिसरों को खाली कराने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
याचिका के जवाब में देवस्थान विभाग ने कहा कि मन्दिर परिसर में कोई अतिक्रमण नहीं है और सम्पत्ति किराये पर है। इस पर न्यायालय ने आपत्ति व्यक्त करते हुए कहा कि मन्दिर की सम्पत्ति को किराये पर नहीं दे सकते।

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