पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित मंदिर में मोदी ने की पूजा

भुज। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने गृहराज्य गुजरात में चुनाव प्रचार से पहले पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित प्रसिद्ध तीर्थस्थल मातानामढ में मां आशापुरा के प्राचीन मंदिर में पूजा और आरती की।
इस मंदिर में आने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले अस्सी के दशक में मंदिर के निकटवर्ती क्षेत्र में कार्यक्रम में आये तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी का यहां आने का अनौपचारिक कार्यक्रम अमली जामा नहीं पहन सका था।
गुजरात के चुनावी दौरे पर आये श्री मोदी ने कच्छ जिले के भुज से करीब 80 किलोमीटर दूर लखपत तालुका में स्थित इस मशहूर मंदिर, जहां नवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चल कर पहुंचते हैं, में करीब 20 मिनट का समय बिताया। उन्होंने मंदिर में आम लोगों से भी मुलाकात की और महिलाओं तथा बच्चों के एक हुजूम से कुछ समय तक घिरे रहे और उनका अभिवादन स्वीकार करते हुए उनसे हाथ भी मिलाते रहे। बाद में उनके आग्रह पर महिलाअों ने कतार बना ली और लोग एक एक कर उनसे मिले। उन्होंने मंदिर में पूजा के बाद कतार में लगे आम लोगों से भी हाथ मिलाया। अचानक प्रधानमंत्री को सामने देख कर लोगों ने आश्चर्यमिश्रित खुशी व्यक्त की।
सफेद कुर्ता-पजामा और सुनहरे रंग की सदरी पहने श्री मोदी नलिया हवाई अड्डे पर पहुंचने के बाद यहां आये। इस मंदिर में दर्शन करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री हैं। मंदिर का संचालन करने वाले मातानामढ जागीर ट्रस्ट के प्रतिनिधि खेगरजी जाडेजा ने बताया कि श्री मोदी ने ट्रस्टियों से कई बातें की और इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के कुछ उपाय भी सुझाये। वह मंदिर के मुख्य महंत यानी गादिपति से भी मिले जिन्होंने उन्हें सम्मानित किया। मुख्य पुजारी ने पूजा और आरती के बाद उन्हें प्रसाद के तौर पर माता की चुनरी उन्हें दी जिसे श्री मोदी ने अपने गले में लपेट लिया।
मनोकामनाएं पूर्ण करने वाली देवी मानी जाने वाली मां आशापुरा के इस मंदिर में पूजा के बाद श्री मोदी आज गुजरात के भुज, जसदन, धारी और काकोदरा में चार चुनावी सभाएं करेंगे और आज ही शाम वापस दिल्ली लौट जायेंगे।

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