धर्म संसद ने लिया छुआछुत मुक्त भारत बनाने का संकल्प

जयपुर। धर्म संसद ने छुआछूत मुक्त भारत बनाने के आठ संकल्प बताते हुए कहा है कि अष्टमी के दिन अनुसूचित जाति सहित सभी जाति की कन्याओं को घर बुलाकर उनके चरण धोकर पूजन करना चाहिए।

कर्नाटक के उडुपी में आयोजित धर्म संसद अधिवेशन में पारित प्रस्ताव में यह संकल्प लिए गये। विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने आज यहां पत्रकारों को बताया कि धर्म संसद ने छुआछुत मुक्त भारत समरस , समृद्व हिन्दू समाज बनाने का संकल्प की कार्य योजना घोषित की है। उन्होंने कहा कि धर्म संंसद में उपस्थित संत समाज की मान्यता है कि हिन्दू धर्म में सामाजिक छुआछुत को कभी शास्त्रीय मान्यता नहीं रही है क्योंकि सबकी संस्कृति समान है।

उन्होंने कहा कि धर्म संसद ने हिन्दू समाज की एकता एवं रक्षा के लिए हिन्दुओं को आठ संकल्प बताते हुए कहा कि मंदिरों , घरों तथा संस्थाओं के द्वार सभी समाज बंधुओं के लिए खुले हो , सम्पूर्ण हिन्दू समाज अपने समाज के सभी घटकों को मंदिर प्रवेश और दर्शन कराने का प्रबंध करे , गांव की श्मशान भूमि एवं जल प्राप्त करने का तालाब कुआं , नल सभी के लिए उपलब्ध हो तथा विधर्मियों द्वारा हिन्दू समाज के किसी घटक अथवा समुदाय को धर्मभ्रष्ट करने , हिन्दू जीवन मूल्यों तथा मान बिन्दुओं के अपमान के प्रसंगों पर सम्पूर्ण हिन्दू समाज एकजुट होकर प्रतिकार कर अपने एकता का परिचय दें।

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