सड़कें, रोडलाइट बदतर क्यों है ?

  • Devendra
  • 15/08/2019
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सीएलजी बैठक : बिजयनगर में क्षतिग्रस्त मार्ग, नालियों का उठा मुद्दा
आमतौर पर सीएलजी की बैठकों में शांति और सौहाद्र्र की बात होती है। लेकिन गत दिनों सीएलजी की बैठक कुछ खास रही। खास इसलिए कि इस बैठक में शहर में फैली अव्यवस्था को लेकर जब प्रबुद्ध लोगों ने नगर पालिका को आइना दिखाया तो नगर पालिका बिजयनगर के अधिशासी अधिकारी बगलें झांकने लगे। सीएलजी सदस्य दौलतराम माणकचंदानी ने जब बिजयनगर की सड़कें व रोड लाइट की बदतर स्थिति के बारे में बताया तो थानाधिकारी ने भी इस पर हामी भर दी। फिर क्या था, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी को मानो जैसे सांप ही सूंघ गया। पढि़ए पूरी रिपोर्ट…
बिजयनगर। गुलाबपुरा शहर किसी काम से जाते हैं तो बहुत अच्छा लगता है कि वहां की सड़कें, नालियां, रोड लाईटे अच्छी हैं, लेकिन जैसे ही वापस बिजयनगर आते हैं तो हमें शर्मिंदगी होती है कि कहां आ गए।‘ यह बात सीएलजी सदस्य दौलतराम माणकचंदानी ने जब गत दिनों सीएलजी की बैठक में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मुकेश शर्मा से मुखातिब होते हुए पूछा तो कुछ देर वहां सन्नाटा छा गया। इस पर थाना अधिकारी विजय सिंह रावत ने भी मानकचंदानी की बातों का समर्थन किया तो सन्नाटा और घना हो गया। थानाधिकारी रावत ने नगर पालिका ईओ से पूछा, आखिर क्या कारण है कि बिजयनगर की सड़कें, रोड लाईटें दुरुस्त नहीं है। यहां थोड़ी सी बारिश में ही जल जमाव की स्थिति पैदा हो जाती है। आखिर इन जनसमस्याओं का निस्तारण कब तक होगा। इस पर ईओ शर्मा कुछ देर अगल-बगल झांकने लगे फिर किसी तरह इन समस्याओं के तुरंत निस्तारण का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान थाना प्रभारी ने जैसे ही बारिश के दिनों में कहीं जलजमाव होने की जानकारी मांगी तो पूर्व नेता प्रतिपक्ष मूलसिंह राठौड़ ने पालिका ईओ से वार्ड 24 में शिखरानी चौराहे पर जमा बरसाती पानी के निस्तारण की बारे में जानकारी चाही। इस पर ईओ शर्मा ने बताया कि वहां कुछ समस्या है फिर भी नाला मार्ग खुलवाने के प्रयास जारी है। इस पर थाना प्रभारी ने सीएलजी सदस्यों से कहा कि आप कलेक्टर साहब से इस आशय में लिखित में दें ताकि कोई समाधान निकले। साथ ही ईओ शर्मा को भी इस संदर्भ में प्रयास तेज करने का आग्रह किया।

दरअसल, त्यौहारी सीजन के मद्देनजर स्थानीय थाना परिसर में थाना अधिकारी विजयसिंह रावत एवं पालिका अधिशासी अधिकारी मुकेश शर्मा की सदारत में गत दिवस सीएलजी सदस्यों की बैठक हुई। बैठक के प्रारम्भ में थाना अधिकारी रावत ने सभी सदस्यों से त्यौहारों को लेकर अग्रिम बधाई दी। इसके बाद सदस्यों से अपने-अपने क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने की बात कहते हुए उनके क्षेत्र में अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर पूरी नजर बनाए रखने और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि की सूचना तुरन्त थाने में देने की अपील की। थाना अधिकारी रावत ने बताया कि गत दिवस पुलिस अधीक्षक कार्यालय में हुई बैठक में सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि पुलिस अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस मित्र बनाते हुए आपराधिक कृत्यों पर लगाम लगाने का प्रयास करे।

उन्होंने कहा कि अपने-अपने थाना क्षेत्रों में जहां भी जीर्ण-शीर्ण भवन है उनको चिन्हित कर पालिका की मदद से मकान मालिक को सूचित कर ऐसे भवनों को ढ़हाने का इंतजाम करे ताकि कोई अप्रिय घटना नहीं हो। बैठक के दौरान सदस्यों ने रक्षाबंधन के पर्व पर 27 मिल चौराहे, पीपली चौराहे व रेल्वे फाटक पर पुलिस के पुख्ता बंदोबस्त करने की मांग की ताकि यहां से अपने गंतव्य से आने व जाने में माताओं व बहनों को किसी भी प्रकार की असुरक्षा न हो। इस पर थाना प्रभारी रावत ने सभी को पुख्ता बंदोबस्त किए जाने के लिए आश्वस्त किया। रावत ने बताया कि पुलिस आमजन में विश्वास व आपराधियों में भय का ध्येय को लेकर ही कार्य करेगी। आने वाले दिनों में शहर में बीट प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।

साथ ही रावत ने सदस्यों से अनुरोध किया कि आप आमजन को सचेत करें कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, किसी व्यक्ति विशेष के लिए अनर्गल शब्दों का प्रयोग नहीं करे, अन्यथा सोशल मीडिया एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। सीएलजी सदस्यों ने थाना प्रभारी से आग्रह किया कि बैठक में सिर्फ एक दो अधिकारी ही मौजूद रहते हैं अन्य किसी भी विभाग के अधिकारी मौजूद नहीं रहते हैं। आगामी बैठकों में सभी विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराएं। बैठक में पूर्व पार्षद संजय बडौला, कैलाश चन्द सोनी, राजेन्द्र पामेचा, अजीज, हेमेनद्रसिंह राठौड़, मुकुन्दसिंह राठौड़, सत्येन्द्रसिंह, गिरधरसिंह, सुरेश जांगिड़, शहजाद मंसूरी, इमरान, सुरेन्द्रसिंह भाटी, आलोकचन्द, अब्दुल हकीम चौधरी, उस्मान खान, सुनिल कुमार जैन आदि मौजूद रहे।

कहीं दिन में भी जलती हैं स्ट्रीट लाइट, कहीं रात में भी अंधेरा
पालिका क्षेत्र में कई ऐसे मार्ग, मोहल्ले व गलियां हैं जहां दिन में भी रोड लाईटें जलते रहती हैं तो कहीं रात में भी अंधेरा रहता है। पालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 25 की एक गली में विगत 10 दिनों से रोड लाइटें बंद है। क्षेत्र के बाशिंदे ने बताया कि पालिका के कर्मचारी को कई बार फोन पर रोड लाइट बंद होने की सूचना देने के बावजूद कोई भी कर्मचारी लाइट ठीक करने नहीं पहुंचा। इस पर क्षेत्र के पार्षद बृजेश तिवाड़ी को फोन के माध्यम से सूचना दी गई तो उन्होंने ठीक करवाने की बात कही। लेकिन अगली रात को रोड लाइट नहीं चलने पर जब दुबारा उनसे सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं कर्मचारी को एक बार ही बोलता हूं, दुबारा नहीं।‘ नतीजन शिकायत के छह दिन बाद भी गली में अंधेरा पसरा हुआ है। ऐसे में क्षेत्रवासियों को विशेषकर बच्चों एवं महिलाओं को पिछले दस दिनों से रात्रि के समय में अंधेरी गली में निकलने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शर्म उन्हें आती नहीं मगर…
सीएलजी सदस्य दौलतराम माणकचंदानी को बहुत-बहुत बधाई। थानाधिकारी विजयसिंह रावत को भी। नगर पालिका बिजयनगर को शहर की बदहाल सूरत-ए-हाल का आईना दिखाने के लिए। आप ही नहीं, शहर के कई लोग शहर की बदहाल स्थिति पर शर्मिंदगी महसूस करते हैं। लेकिन इसके लिए जो जिम्मेदार हैं उन्हें तनिक भी शर्म नहीं आती। खारीतट संदेश जन सरोकार से जुड़े मुद्दों को पुरजोर तरीके से उठाता रहा है। लेकिन यह बिजयनगर नगर पालिका है। ढीठ और भैंस के आगे बीन बजाने जैसा। आश्वासन का मुलम्मा चढ़ा कर आमजनों को टरकाने में माहिर। शहर स्थिति का यह हाल तब है जब बोर्ड के गठन के फौरी बाद ‘स्मार्ट सिटी’ की परिकल्पना की गई थी। सच तो यह है कि जिम्मेदार साहबानों के मोबाइल तो स्मार्ट होते जा रहा है और सिटी बदहाल।

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