चिकित्सकों के साथ हुए समझौते के अधिकांश बिन्दुओं का क्रियान्वयन-सराफ

जयपुर। राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ ने आज बताया कि चिकित्सकों की मांगों पर राज्य सरकार एवं सेवारत चिकित्सक संघ के बीच हुए समझौते के अधिकांश बिन्दुओं पर आवश्यक कार्यवाही की जा चुकी है और शेष पर भी प्राथमिकता से कार्यवाही कर उनका निस्तारण किया जा रहा है।

सराफ ने बताया कि चिकित्सकों की मुख्य मांग डीएसीपी एरियर के प्रकरणों का निस्तारण के मामले में वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त हो गयी है जिसकी अधिसूचना डीएसीपी के वास्तविक लाभ की अधिसूचना के साथ जारी की जायेगी। उन्होंने बताया कि डीएसीपी का वित्तीय लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि के स्थान पर योग्यता की तिथि से करने संबंधी नियम में परिवर्तन का कार्य भी प्रगति पर है।

उन्होंने बताया कि आरएमआरएस के अध्यक्ष के पद पर जिला कलेक्टर के अतिरिक्त चिकित्सा विभाग के अधिकारी को ही अध्यक्ष बनाने के संबंध में समझौते के अनुसार आदेश जारी कर दिये गये हैं। चिकित्सा संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में 26 जिला चिकित्सालयों के लिए आदेश जारी कर दिये गये हैं। उन्होने बताया कि संयुक्त निदेशक जोन कार्यालयों मेे विधायी कार्यों के लिए विधि सहायकों के पदों की स्वीकृति वित्त विभाग से प्राप्त हो गयी है। विधि विभाग की स्वीकृति ली जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को वाहन उपलब्ध कराने के लिए पत्रावली उच्च स्तर पर विचाराधीन है।

उन्होंने बताया कि इन्टर्नशिप में दिये जा रहे भत्तों की राशि 3500 रूपये से बढाकर 7000 रूपये करने के लिए भी वित्त विभाग की सहमति प्राप्त हो गयी है,  इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि मांग-पत्र के कुछ बिन्दुओं के लिए समझौते के अनुसार कमेटी का गठन कर दिया गया है।

सराफ ने बताया कि कैडर रिव्यू के संबंध में संघ से संशोधित प्रस्ताव प्राप्त होते ही कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी। इन सर्विस पीजी के लिए ग्रामीण परिभाषा तय करने का कार्य संबंधित कमेटी द्वारा किया जा रहा है। ग्रामीण एवं पोस्टमार्टम भत्ता बढाने के प्रस्ताव वित्त विभाग को भिजवाये जा चुके हैं। इसी प्रकार ग्रामीण चिकित्सकों को आवास उपलब्ध कराने, नीम हकीमों के विरूद्व सैल गठित करने एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर लिपिक का पद सृजित करने के संबंध में आवश्यक कार्यवाही प्रगति पर है।

पीजी करने पर तीन एवं समकक्ष डिप्लोमा करने पर दो अतिरिक्त वेतन वृद्धि के प्रस्ताव वित्त विभाग को भिजवाये जा चुके हैं। इसी तरह सेवारत चिकित्सकों के 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर स्वैच्छिक सेवानिवृति के आवेदन पर गुणवागुण के आधार पर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही हैं।

उधर राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ का कहना है कि राज्य सरकार उनकी मांगों पर हुए समझौते के अनुसार क्रियान्विति नहीं करने पर आगामी दो दिन में चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी जायेगी।

संघ के अध्यक्ष डा़ॅ. अजय चौधरी एवं महासचिव डा़ॅ. दुर्गालाल सैनी ने कहा कि चिकित्सकों की हड़ताल के बाद गत बारह नवंबर को उनकी मांगों पर सरकार ने उनसे समझौता किया था लेकिन समझौते की क्रियान्विति नहीं की जा रही हैं, बल्कि हड़ताल में सक्रिय भूमिका निभाने वाले चिकित्सकों का तबादला किया जा रहा है जिसमें डा़ॅ. चौधरी शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि सेवारत डाॅक्टर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाते हैं तो रेजीडेन्ट डाक्टर भी इसके लिए तैयार हैं, ऐसे में परेशानी मरीजों को होती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर हुए समझौते को शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। समझौते की क्रियान्विति की मांग को लेकर चिकित्सकों ने अस्पताल के बाहर टेंट में बैठकर मरीजों की जांच की।

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