सरकारी कर्मचारियों ने बढ़ाई वसुंधरा सरकार की चिंता

रिपोर्ट के अनुसार राज्य के करीब 60 फीसदी कर्मचारी फिलहाल सरकार से नाराज हैं।
जयपुर। इंटेलिजेंस एजेंसी व पुलिस की रिपोर्ट ने राजस्थान में वसुंधरा राजे सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इंटेलिजेंस एजेंसियों से मिली रिपोर्ट में प्रदेश के अधिकांश सरकारी कर्मचारी सरकार से नाराज बताए गए हैं। इसके साथ ही फिल्म पद्मावती, आनंदपाल सिंह एनकाउंटर और जयपुर के राजमहल प्रकरण को लेकर राजपूत समाज व आरक्षण का मामला बार-बार कोर्ट में जाने से गुर्जर समाज की नाराजगी भी बताई गई है।

राज्य विधानसभा चुनाव से ठीक एक वर्ष पूर्व कर्मचारियों, भाजपा के परंपरागत वोट बैंक माने जाने वाले राजपूत समाज व गुर्जर समाज की नाराजगी ने वसुंधरा राजे सरकार की चिंता बढ़ा दी है। वैसे तो इंटेलिजेंस एजेंसी व पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सरकार को नियमित रूप से खुफिया रिपोर्ट मिलती रहती है, लेकिन दो सप्ताह पूर्व मिली रिपोर्ट के बाद सरकार और भाजपा की चिंता कुछ ज्यादा ही बढ़ गई।

रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कर्मचारी सावतें वेतनमान का एरियर 1 जनवरी, 2016 से नकद भुगतान की मांग कर रहे है, जबकि सरकार ने यह एरियर 1 जनवरी, 2017 से देने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही सरकारी विभागों में पीपीपी मॉडल लागू करने और वर्ष 2004 के बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए नवीन पेंशन योजना लागू करने के के कारण कर्मचारी वसुंधरा सरकार से नाराज है। सूत्रों से अनुसार जिला पुलिस अधीक्षकों व इंटेलिजेंस एजेंसी से सरकार को मिली रिपोर्ट के अनुसार राज्य के करीब 60 फीसदी कर्मचारी फिलहाल सरकार से नाराज हैं। जिलों से मिली रिपोर्ट के बाद सरकार ने कर्मचारी संगठनों में दो फाड़ करने और कुछ कर्मचारी नेताओं को अपने पक्ष में करने का काम अवश्य किया है।

इधर, आनंदपाल सिंह एनकाउंटर मामले की जांच करने के सीबीआई के इंकार व फिल्म पद्मावती को लेकर राज्य सरकार का रुख साफ नहीं होने से राजपूत समाज में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है। इन दोनों मामलों को लेकर राजपूत समाज ने इसी माह अजमेर में बड़ी रैली करने की घोषणा की है। शुरू से ही भाजपा का परंपरागत वोट बैंक रहा राजपूत समाज जयपुर राजपरिवार की संपत्ति राजमहल परिसर के कुछ हिस्से को जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा कब्जे में लिए जाने के कारण पहले से ही नाराज चल रहा है। वहीं, आरक्षण का मामला बार-बार कोर्ट में अटकने से गुर्जर समाज के युवाओं में बढ़ रही नाराजगी की बात भी सरकार तक पहुंची है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि आम लोगों में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का तो क्रेज है, लेकिन सरकारी योजनाओं के सही ढ़ंग से क्रियान्वयन नहीं होने से नाराजगी भी है। सरकारी कर्मचारियों को खुश करने के लिए कोई नया रास्ता निकालने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डीबी गुप्ता व प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव सीएस राजन को सौपी है। वहीं, गुर्जर समाज के साथ समन्वय कायम करने की जिम्मेदारी मंत्रिमंडलीय उप समिति के सदस्यों राजेन्द्र राठौड़ व अरुण चतुर्वेदी को सौंपी गई है। राजपूत समाज को खुश करने के लिए पार्टी के राजपूत नेताओं को कहा गया है।

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