कला ही जीवन है: पारीक

गुलाबपुरा। कोठियां ग्राम के समीप स्थित खेड़ा पालोला स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में संचिना कला संस्थान शाहपुरा के तत्वावधान में शिक्षा और संस्कार से ओतप्रोत बाल नाटक की प्रस्तुति दी गई। कलाकार ने लघु नाटक के माध्यम से शिक्षाप्रद और प्रेरणादायी संदेश दिया संचिना कला संस्थान के निदेशक रामप्रसाद पारीक ने कहा कि कला ही जीवन है, समाज में गिरते हुए मानव मूल्यों की रोकथाम में शिक्षा की महती जिम्मेदारी है। पेड़ लगाना और देखभाल करना राष्ट्रधर्म है, जिसे सभी को निभाना चाहिए।

उन्होंने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं नैतिक शिक्षा से संबंधित लघु नाटकों से बालकों को शिक्षाप्रद प्रेरणा दी। इस दौरान विद्यार्थी बाबूलाल भील, बबलू भील, चंदू नायक, उषा शर्मा, कोमल चौधरी, अंकित चौधरी, मानसिंह चौधरी ने नाटक प्रस्तुत किया जिसका सभी विद्यार्थियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्द्धन किया। इस दौरान कालूराम गर्ग, कनक गुर्जर, आशा नायक एवं नंदराम नायक सहित कई अभिभावक मौजूद थे। संस्था प्रधान अखत्यार अली ने निदेशक पारीक का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया और अभिभावकों का आभार प्रकट किया। सर्वश्रेष्ठ नाट्य अभिनय के लिए कला संस्था की ओर से बालिका उषा शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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