बालिकाएं सीख रही सेल्फ डिफेंस व अखाड़ा प्रदर्शन के गुर

  • Devendra
  • 26/12/2019
  • Comments Off on बालिकाएं सीख रही सेल्फ डिफेंस व अखाड़ा प्रदर्शन के गुर

बिजयनगर में बालिकाएं आत्मरक्षार्थ (सेल्फ डिफेंस) के गुर पूरे उत्साह से सीख रही हैं। स्थानीय श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय शिविर में अखाड़ा प्रदर्शन के लिए तलवारबाजी भी सीख रही हैं। शिविर में प्रशिक्षण ले रही बेटियों का उत्साह देखते ही बनता है। आत्मविश्वास से लबरेज बेटियों को प्रशिक्षक भी सेल्फ डिफेंस की सभी बारीकियां सीखाने में कंजूसी नहीं बरत रहे…
बिजयनगर। देशभर में बालिकाओं एवं महिलाओं में असुरक्षा के माहौल को देखते हुए हिन्दू युवा वाहिनी शाखा बिजयनगर के पदाधिकारियों ने नवाचार करते हुए अब बिजयनगर सहित आसपास की बालिकाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाने का बीड़ा उठाया है। हिन्दु युवा वाहिनी बिजयनगर नगर अध्यक्ष प्रफुल्ल पारीक ने बताया कि क्षेत्र में पहली बार स्थानीय श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में बालिकाओं को आत्मरक्षा (सेल्फ डिफेंस) एवं अखाड़ा प्रदर्शन के गुर सिखाने के लिए मिशन स्वाभिमान के तहत सात दिवसीय आत्मरक्षा शिविर का आयोजन बजरंग अखाड़ा प्रमुख गोपाल साहू के सान्निध्य में किया जा रहा है।

इसके तहत बालिकाओं को राह में चलते समय यदि कोई उनका पीछा करे, छेड़छाड़ करे, उनके साथ लूटपाट करने की कोशिश करे या फिर उन पर अचानक हमला कर दें तो ऐसी स्थिति में उनको क्या करना चाहिए और उन पर हमला करने वाले से कैसे निपटना चाहिए इन सब विधाओं को प्रशिक्षण के दौरान सिखाया जा रहा है। पारीक ने बताया कि बालिकाओं को आखाड़ा प्रदर्शन का गुर सिखाने की योजना बनाई ही जा रही थी कि देशभर में एकाएक बालिकाओं की असुरक्षा का माहौल बनने के बाद हिन्दु युवा वाहिनी ने शीघ्रता से निर्णय लेते हुए इस सात दिवसीय आत्मरक्षा शिविर की शुरुआत की है। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मरक्षार्थ सभी तरह की बारीकियां सिखाना है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता होने पर शिविर की अवधि बढ़ाने पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने चाहिए-शर्मा
हिन्दु युवा वाहिनी बिजयनगर महिला इकाई अध्यक्ष माया शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय को देखते हुए बेटियों को आत्मरक्षा के गुर अनिवार्य रूप से सीखने चाहिए। क्योंकि माता-पिता उनके साथ स्कूल व कोचिंग तो जा नहीं सकते। ऐसे में बेटियों को अकेले ही बाजार, कोचिंग, स्कूल या फिर किसी आवश्यक कार्य से बाहर आना-जाना होता है। इस दौरान उनके साथ कोई छेड़छाड़, गलत हरकत न कर सके, इसलिए बेटियों को आत्मरक्षार्थ सभी गुर सीखने चाहिए।

मैं डरकर जीना नहीं चाहती
कीर्ति शर्मा ने बताया कि वर्तमान में लड़कियों की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल है। ज्यादातर लड़किया इस डर की वजह से कहीं आ-जा नहीं सकती। मैं डर के साये में जीना नहीं चाहती। इसलिए मैंने ठाना है कि सेल्फ डिफेंस के गुर सीखकर मैं भी पूर्ण आत्मविश्वास के साथ जीऊं। हमें शिविर में वो तमाम गुर सिखाए जा रहे हैं जिससे किसी भी लड़की को अपनी सुरक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

निरंतर सीखूंगी
पुरवंशी पारीक ने बताया कि उनको शिविर में सेल्फ डिफेंस एवं अखाड़ा प्रदर्शन के गुर सीखना अच्छा लग रहा है। शिविर में राह चलते अनजान व्यक्ति या युवक के हमला करने या फिर अभद्र व्यवहार करनेवालों से निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं। मैं यह सब अपनी सुरक्षा के लिए ही सीख रही हूं। क्योंकि आजकल लड़कियां काफी असुरक्षित हैं।

बेटियां अपनी सुरक्षा स्वयं कर लें, यही काफी है-गोपाल साहू
लड़कियों में स्वाभिमान एवं आत्मरक्षा के गुण विकसित हो सके इसके लिए इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का आयोजन कोई पूर्व नियोजित नहीं था। वर्तमान दौर में लड़कियों की सुरक्षा के सवाल पर ही इस शिविर के आयोजन की आवश्यकता महसूस की गई। शिविर में आत्मरक्षा के गुर के साथ-साथ अखाड़ा प्रदर्शन के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। मेरा प्रयास रहेगा कि ज्यादा से ज्यादा बेटियों को प्रशिक्षित कर सकूं। ये बेटियां खुद अपनी सुरक्षा कर सके, इससे ज्यादा मुझे और कुछ नहीं चाहिए। अखाड़ा प्रदर्शन के गुर सीखकर नित्य उनका अनुसरण करे तो इससे लड़कियों का शारीरिक व्यायाम भी होगा। अखाड़ा प्रदर्शन में दण्ड (लकड़ी), तलवारबाजी सहित विभिन्न विधाएं सिखाई जा रही हैं।

शिविर में लड़कियों को संकट के समय आत्मरक्षा के सभी गुर सिखाए जाएंगे। मुझे कई ऐसे माता-पिता मिले हैं जिन्होंने बताया कि हम अपनी बच्चियों को सेल्फ डिफेंस के गुर सिखाना चाहते हैं। मैंने उनको शिविर के आयोजन की जानकारी दी तो उनके चेहरे पर खुशी दिखाई दी। जो भी बालिका आत्मरक्षा व अखाड़ा के गुर सीखना चाहती हैं तो वो सलवार कुर्ता पहनकर प्रशिक्षण प्राप्त करे तो उनको आसानी रहेगी। साहू ने बताया कि यदि क्षेत्र की बच्चियां सालभर तक निरंतर आत्मरक्षा के गुर और अखाड़ा प्रदर्शन के गुर सीखना चाहती हैं तो मैं नि:शुल्क वर्ष पर्यन्त अपनी सेवाएं देने को तैयार हूं। इसके लिए अभिभावकों से भी अपील है कि वो अपनी बेटियों को आत्मरक्षा के गुर सीखने के लिए प्रेरित करें।

WP2Social Auto Publish Powered By : XYZScripts.com
Skip to toolbar