गरीब नवाज का संदेश इंसानियत को जगाने का है: इन्द्रेश कुमार

  • Devendra
  • 23/02/2020
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अजमेर। (वार्ता) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक ड़ा इन्द्रेश कुमार ने अजमेर शरीफ को सूफियत का सबसे बड़ा स्थान बताते हुए कहा कि यहां से लड़ने का नहीं बल्कि मोहब्बत का संदेश जाना चाहिए। डा इंद्रेश कुमार ने आज अजमेर में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से आयोजित सूफी कांफ्रेंस को संबोधित करते हुये कहा कि देश विरोधी ताकतों से लड़ते हुए मुल्क में सूफीवाद को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हम सभी को इस मुल्क से शैतानों को भगाने के लिए खुदा की ताकत के जरिए दुआ करनी चाहिए। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ लोग इस देश को गुमराह कर रहे हैं लेकिन गरीब नवाज का संदेश शैतानों को भगाने और इंसानियत को जगाने का है।

हालांकि इस कांफ्रेंस के एजेंडे में सांप्रदायिक सद्भाव और सूफीवाद पर चर्चा किए जाना था लेकिन पूरी कांफ्रेंस और उसके वक्ता नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर केंद्रित होकर रहे गयी। डा. कुमार भी सीएए के संदर्भ में जमकर बोले और उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में मुल्क के टुकड़े हुए। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान अलग मुल्क बना, पाकिस्तान एवं बांग्लादेश बनाए गए लेकिन तीनों मुल्कों में सैंकडों वर्षों से पुराने हिंदुस्तानी ही रहते आ रहे है। फिर चाहे वे किसी भी मजहब के हो। उन्होंने पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले पीड़ित हिंदुस्तान में आना चाहते हैं क्योंकि पाकिस्तान जुल्म वाला मुल्क है और हिंदुस्तान सलामती वाला मुल्क है। सभी मुल्कों में अल्पसंख्यक है लेकिन पाकिस्तान में हिंदू अल्पसंख्यक है तो हिंदुस्तान में मुसलमान अल्पसंख्यक है। इसके बावजूद हिंदुस्तान में मुसलमान आजादी से रहते हैं।

डा.कुमार ने कांफ्रेंस में भाग ले रहे सभी के हाथ खड़े करवाकर प्रतिज्ञा दिलाई कि हम सब एक है और हिंदुस्तान को रसूल के कहे अनुसार मजहब से ऊपर उठकर मुल्क बनाएंगे। उन्होंने सभी से भारत माता की जय के नारे लगवाए और देश की राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के लिए गुमराह होने से बचने की अपील की। इस अवसर पर राज्य के पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि सीएए का विरोध वही लोग कर रहे है जो जुल्मियों के साथ है। उन्होंने कहा कि उन्हें सूफी सम्मेलन में आकर खुशी है क्यूंकि सूफी समाज देश में एकता का मूलमंत्र देता है, एक सूत्र में बांधता है। उन्होंने डॉ. इंद्रेश को देवतुल्य की संज्ञा देते हुए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और कहा कि हम सब हिंदूवासी है। हमारी एकता भारत को एकबार फिर विश्व गुरु बनाएगा।

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